चंदौसी की विधायक लक्ष्मी गौतम पर संविदा की नौकरी के नाम पर बदायूं के गांव बेहटाजवी के सपा कार्यकर्ता ने 38,000 रुपये ठगी का जो आरोप लगाया है। उसमें शासन के आदेश पर जांच और दोनों पक्षों के बयान हो जाने के बाद भी परिणाम सामने नहीं आया है। 23 महीने बाद भी यह मामला निपटा नहीं है। सब तरफ से हार मानने के बाद पार्टी कार्यकर्ता ने सांसद प्रतिनिधि विपिन कुमार यादव की शरण ली है। उन्होंने भी पार्टी कार्यकर्ता का मान रखते हुए संभल के सपा जिलाध्यक्ष अफरोज को पत्र भेजकर कहा है कि पार्टी कार्यकर्ता की यथायोग्य मदद की जाए।
जिले के गांव बेहटा जवी निवासी रूमपाल बघेल सपा कार्यकर्ता हैं। चंदौसी विधायक के खिलाफ शिकायत का सिलसिला उन्होंने 17 जून, 2013 से शुरू किया। इसके बाद 15 अगस्त 2013 और तीन जुलाई 2014 को भी शिकायतें की। 23 जुलाई 2014 को कोतवाली में तहरीर दी गई। शासन के निर्देश हुए तो जांच शुरू हुई रूपपाल ने बताया कि शासन के आदेश पर विधायक द्वारा 30,000 रुपये की रिश्वत के मामले में दोनो पक्षों के बयान हुए। कोतवाली मेें दी गई तहरीर पर कोतवाली उपनिरीक्षक ने 23 जुलाई, 2014 को जांच कर ली। इसके बावजूद भी उन्हें उनकी रकम वापस नहीं मिली। उन्होंने बताया कि यह रकम उन्होंने चंदौसी के नवाबपुरा गांव के राम रहीस यादव पुत्र बादशाह और और बदायूं के गांव रुदेना घंघोसी निवासी जगत सिंह पुत्र हरिश्चंद्र यादव के मार्फत दिलाई थी।
इस प्रकरण में रूमपाल बघेल सांसद से मिलने यहां उनके निवास पर आए तो सांसद प्रतिनिधि विपिन कुमार यादव से मिले। लगातार प्रयास के बाद भी सपा कार्यकर्ता को धनराशि वापस नहीं मिली है। विपिन कुमार यादव ने उनकी मदद का आश्वासन दिया और उन्हें संभल के पार्टी जिलाध्यक्ष के पास भेजा है, ताकि वह पीड़ित की मदद कर सकें।