समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने बुधवार को बदायूं में विभिन्न निजी एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए धर्मेंद्र यादव ने एचपीसीएल सैंजनी गैस प्लांट में हुए दो अफसरों की हत्या को बेहद दर्दनाक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि देश पेट्रोलियम पदार्थों की कमी से जूझ रहा है और जनता लंबी लाइनों में खड़ी है, ऐसे समय में व्यवस्थाओं को संभालने वाले अधिकारियों की दिनदहाड़े हत्या होना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों अधिकारी पहले से ही अपनी सुरक्षा को लेकर सशंकित थे और उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से इसकी जानकारी दी थी, इसके बावजूद पुलिस- प्रशासन ने गंभीर लापरवाही बरती। इसमें जिले के अफसर भी दोषी हैं।
उन्होंने कहा कि इस घटना में स्थानीय भाजपा विधायक और उनके समर्थकों की भूमिका संदिग्ध है और यह तथाकथित 'जीरो टॉलरेंस' सरकार की विफलता को दर्शाता है। सांसद ने मांग की है कि पीड़ित परिवारों की इच्छा के अनुसार इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व राजनीतिक लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
सपा के शासन में हुए काम गिनाए
विकास कार्यों का जिक्र करते हुए धर्मेंद्र यादव ने कहा कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के नेतृत्व में बदायूं में व्यापक विकास कार्य कराए गए थे। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराकर मात्र 15 माह में ओपीडी शुरू करा दी गई थी, जबकि आज उसकी स्थिति खराब हो चुकी है।
उन्होंने आगे कहा कि सपा सरकार में सड़कों का जाल बिछाया गया। वहीं स्वास्थ्य मंत्री पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वह केवल बयानबाजी तक सीमित रह गए हैं। इस अवसर पर पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह, पूर्व विधायक हाजी बिट्टन, हाजी रईस, जगत सिंह, अवधेश यादव, स्वाले चौधरी, मोतशाम सिद्दीकी, मोहम्मद मियां, फरहत अली, ओमवीर सिंह, दलवीर सिंह यादव आदि लोग मौजूद रहे।