केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार
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शासकीय मशीनरी के साथ प्रत्येक नागरिक प्रयास करे तो गंगा को प्रदूषण मुक्त, स्वच्छ और अविरल बनाने में शीघ्र सफलता मिल सकती है। शुक्रवार को यह बात यहां आए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकार से कही। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गंगा किनारे बसे गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने की मुहिम चलाई जा रही है। नमामि गंगे जागृति यात्रा का जिम्मा होमगार्ड विभाग को सौंपा गया है। जिन फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी गंगा में जाता है उन्हें बंद कराया जा रहा है। इस योजना पर बहुत तेजी से काम चल रहा है। पूरे प्रदेश में जहां-जहां गंगा के घाट है, वहां तक नमामि गंगे यात्रा जाएगी। नौ अगस्त को यात्रा मुख्यमंत्री आवास से शुरू हुई थी। यह यात्रा उत्तराखंड के बाद बिजनौर, हापुड़, मेरठ से होकर बदायूं पहुुंची। प्रेस वार्ता में मौजूद होमागार्ड के डीजी सूर्य कुमार ने कहा कि गंगा को लेकर सबसे ज्यादा विकास बनारस में हुआ है। गंगा के किनारे पौधरोपण किया गया है, ताकि गंगा के किनारे का दृश्य हरा-भरा दिखे। कारखानों और फैक्ट्रियों से निकला हुआ प्रदूषित पानी को फिल्टर करने के लिए एसटीप प्लांट लगवाए जा रहे हैं।
सोत नदी पर अवैध कब्जा हटाने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बोले- अभी नमामि गंगे की यात्रा में आए हैं। जगत ब्लाक के ललबुझियां गांव में हुई चार लोगों की मौतों के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी इसकी जानकारी नही है। मामले का पता किया जाएगा। इसमें अधिकारियों की ओर से लापरवाही है तो कड़ी कारवाई की जाएगी। प्रेस वार्ता में नगर विधायाक महेशचंद्र गुप्ता, ब्रज उपाध्यक्ष बीएल वर्मा, जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य, आशोक भारती आदि मौजूद रहे।