बदायूं। पुलिस की स्पेशल टीम ने भले ही अब्दुल्ला डिग्री कॉलेज में छापामारी कर भारी मात्रा में डोडा बरामद करके बड़ा काम किया, लेकिन इस टीम से एक बड़ी चूक हो गई। इस कॉलेज में चारों ओर पहले से सीसीटीवी कैमरे लगे थे, जिसमें बाकायदा डोडा तस्करी का धंधा रिकॉर्ड हो रहा था, लेकिन पुलिस टीम ने कॉलेज के सीसीटीवी कैमरे पर ध्यान नहीं दिया। तस्कर को मौका मिला तो उसने इसकी डीवीआर ही गायब कर दी। यदि यह पुलिस के हाथ लग जाती तो यह तस्कर नजमुल के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सबूत होता।
स्थानीय लोगों की मानें तो अब्दुल्ला डिग्री कॉलेज में कम से कम 17-18 सीसीटीवी कैमरे लगे थे। जिनमें कॉलेज के गेट से लेकर कमरों और पीछे बाग के दृश्य भी रिकॉर्ड हो रहे थे। सूत्रों के मुताबिक जिस दिन पुलिस की स्पेशल टीम ने कॉलेज में छापामारी की थी, उस दिन डोडा तस्कर नजमुल भी कॉलेज में मौजूद था लेकिन उसे किसी तरह पुलिस आने की भनक लग गई थी। उसे इतना समय नहीं मिला कि डोडा कहीं छिपा सके। वह तो मौके से फरार हो गया, लेकिन कॉलेज में लगे कर्मचारी सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर ले गए। उस दौरान पुलिस का सिर्फ डोडा पर ध्यान था। पुलिस ने तीन लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया था। इसके साथ कॉलेज परिसर से करीब साढ़े चार क्विंटल डोडा, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक बाइक और एक डोडा पीसने की मशीन बरामद हुई थे। पुलिस तीनों लोगों को हिरासत में लेकर और डोडा आदि कब्जे में लेकर थाने ले गई।
बाद में स्थानीय पुलिस ने भी सीसीटीवी कैमरों पर ध्यान नहीं दिया और न ही उसका रिकॉर्ड जब्त करने की जरूरत समझी। अगर पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक करती तो शायद इससे बड़ा पुलिस के पास कोई सुबूत नहीं होता। फुटेज में साफ पता चल जाता कि डोडा तस्कर नजमुल किस तरह से डोडा तस्करी कर रहा था। बहरहाल पुलिस को डीवीआर नहीं मिली है। पुलिस ने उसे तलाश करने की बात कही है।
सामने आ सकते हैं कई चेहरे
-अगर अब्दुल्ला डिग्री कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों का रिकॉर्ड खंगाला जाए तो शायद कई लोगों के चेहरे सामने आ सकते हैं। उसके कॉलेज में कौन-कौन पहुंच रहा था। नजमुल के किस-किस व्यक्ति से संबंध है। यह भी पता चल सकता है।
...तो लखनऊ से भी आगे निकल गया डोडा तस्कर
- मामला पकड़ में आने के बाद माननीय की शरण में पहुंचा डोडा तस्कर शुरुआत में लखनऊ में बैठा आराम फरमा रहा था। माननीय की सरपरस्ती में वह खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा था। बताया जाता है कि पुलिस का दबाव बढ़ता देखकर अब वह लखनऊ से भी आगे निकल गया है। हालांकि माननीय का हाथ अब भी उसके ऊपर है। इधर यह भी पता चला है कि पुलिस द्वारा उसके गिरफ्तारी वारंट लेने की तैयारी भी चल रही है। हो सकता है कि कुछ ही दिन में उसका गिरफ्तारी वारंट मिल जाए।
फिलहाल नजमुल की जोर शोर से तलाश चल रही है। कई स्थानों पर दबिश भी दी गई है, जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सीसीटीवी कैमरों के बारे में पता किया जाएगा, मिलते ही जांच में इसे भी शामिल किया जाएगा।
जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी