बदायूं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नीलांजना की कोर्ट ने करीब तीन साल पहले गोवंशों की हत्या कर मांस बेचने और मांस सहित औजार बरामद होने के मामले में छह आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अभियुक्तों को पांच-पांच साल की कैद और प्रत्येक को 3-3 लाख रुपये (कुल 18 लाख) का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर प्रत्येक को तीन-तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अभियुक्तों में पिता और दो पुत्र भी शामिल हैं।
उसहैत थाना में दर्ज गोवध निवारण अधिनियम से संबंधित मामले में अदालत ने उसहैत क्षेत्र के वार्ड नंबर 9 निवासी आसिफ पुत्र वकीलउदीन, निगारूद्दीन पुत्र शमशुद्दीन, शाहरुख पुत्र शमशुद्दीन, शमशुद्दीन पुत्र स्वर्गीय इकरामउद्दीन, अरशद पुत्र जलालुद्दीन और समीरउद्दीन पुत्र स्वर्गीय चनऊ पुत्र अजहरुद्दीन को सजा सुनाई है। फैसला सुनाने के साथ कोर्ट ने सभी अभियुक्तों को जिला कारागार भेजने का आदेश दिया। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विचारण अवधि में जेल में बिताया समय सजा में समायोजित किया जाएगा।
दोषियों को निर्णय के विरुद्ध अपील का वैधानिक अधिकार रहेगा। अदालत के इस फैसले को गोवध निवारण अधिनियम के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
यह था घटनाक्रम
वादी एसआई रविन्द्रनाथ ने उसहैत थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 13 जून 2023 को सूचना मिली कि छह व्यक्ति माजिद नगला रोड से 200 मीटर दक्षिण दिशा में आसिफ के यूकेलिप्टस की घनी बगिया की आड़ में गोवंशीय पशुओं की हत्या कर उनके मांस को वहीं से लोगों को बेच रहे हैं। यूकेलिप्टस की बगिया में छापा मार कर पुलिस ने चार आरोपी दबोच लिए। दो भाग गए थे। पकड़े आरोपियों ने आसिफ, निगाउद्दीन, शाहरुख व अरशद नाम बताए। घटनास्थल से मांस, गोवंश का सिर, गोवंशीय पशुओं के आठ खुर, कट्टा, कुल्हाड़ी, छुरी, गड़ासे, हंसिया, लकड़ी के गड़ासे आदि बरामद हुए थे। बाद में शेष दोनों आरोपी भी दबोच लिए गए। पुलिस ने विवेचना कर कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया।
लेनदेन में युवक की हत्या करने के आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त
बदायूं। सत्र न्यायाधीश विवेक संगल की कोर्ट ने पुराने लेनदेन को लेकर चाकू और लोहे की जंजीर से हमला कर युवक की हत्या करने के मामले में आरोपी नईम की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
इक्तेदार अहमद ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 3 मई 2026 को मेरा साला शाहिद हुसैन टाल से काम कर मोहल्ला सोथा नई बस्ती गुड्डू हलवाई के सामने वाली गली से कहीं जा रहा था। इस दौरान वहां पहले से घात लगाए बैठे नईम, फजल व वासिफ ने पुराने लेनदेन को लेकर साले की चाकू व जंजीरों से हमला कर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज किया। बाद में आयुध अधिनियम की धारा भी बढ़ाई गई। आरोपी नई जेल में निरुद्ध है। इस बीच आरोपी ने अपनी जमानत के लिए सत्र न्यायाधीश के यहां अर्जी लगाई। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने जमानत अर्जी का विरोध किया। सत्र न्यायाधीश ने हत्याकांड में आरोपी नईम की भूमिका होने को गंभीर अपराध मानते हुए उसकी जमानत अर्जी निरस्त कर दी। संवाद