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Budaun News: जिला महिला अस्पताल की व्यवस्था बदहाल...तीन डॉक्टर छुट्टी पर, आयुष डॉक्टर के जिम्मे दो सौ मरीज

Tue, 07 Jul 2026 11:49 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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जिला महिला अस्पताल में खाली पड़ा महिला डॉक्टर का एक कक्ष। संवाद
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बदायूं। जिला महिला अस्पताल के हाल खराब हैं। तीन माह से अल्ट्रासाउंड सेवा बंद चल रही है। अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से नया संकट खड़ा हो गया है। तीन डॉक्टर छुट्टी पर हैं, एक डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं। ऐसे हालात में ऑपरेशन सेवाएं एक महिला रोग विशेषज्ञ के भरोसे हैं, जबकि दो सौ मरीजों की ओपीडी की जिम्मेदारी आयुष चिकित्सक को संभालनी पड़ रही है। इस कारण गर्भवती महिलाओं को परामर्श के लिए घंटों बैठकर परेशान होना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंंड लिखने पर उन्हें निजी लैब में कराकर फिर दिखाना पड़ रहा है।
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जिला महिला अस्पताल में चार डीजीओ (डिप्लोमा इन गायनेकोलॉजी एंड ऑब्सटेट्रिक्स) चिकित्सकों की तैनाती है। वर्तमान में दो चिकित्सक अवकाश पर हैं, एक प्रशिक्षण पर गई हैं। ऐसे में केवल डॉ. आकांक्षा ही ऑपरेशन थिएटर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। लगातार कई दिनों से वह सिजेरियन सहित अन्य स्त्री रोग संबंधी ऑपरेशन कर रही हैं, इससे उनके ऊपर ज्यादा भार बढ़ गया है।
अस्पताल की नियमित ओपीडी आयुष चिकित्सक डॉ. राबिया के जिम्मे है। यहां पर रोज 200 से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति में गंभीर स्त्री रोग संबंधी मरीजों की जांच और परामर्श प्रभावित हो रही है। मरीज रेशमा, धनवती का कहना है कि ओपीडी में एक डॉक्टर होने से हमारा नंबर एक घंटे बाद आया, तब अपने मरीज को दिखा सके। आर्थिक रूप से कमजोर हैं इसलिए यहां आए हैं। यहां पर केवल नाम की सुविधा है। मरीजों के लिए कुछ भी व्यवस्थाएं नहीं हैं।
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तीन माह से ज्यादा समय से अल्ट्रसाउंड नहीं हो रहे
जिला महिला अस्पताल की स्थिति यह है कि अल्ट्रासाउंड सेवा करीब तीन माह से ज्यादा समय से बंद है। गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। साथ ही समय की बर्बादी भी हो है। मरीज व तीमारदार पहले जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के लिए आएं। फिर निजी केंद्र पर जाकर अल्ट्रासाउंड कराएं, फिर रिपोर्ट लेकर दोबारा अस्पताल आएं। फिर लाइन में लगें, तब जाकर डॉक्टर दवाएं लिखकर देती हैं। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता हे।
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बार-बार खराब हो रही सीबीसी मशीन
- जिला महिला अस्पताल में रक्त जांच के लिए लगी सीबीसी (कम्प्लीट ब्लड काउंट) मशीन 10 दिन पहले खराब हुई थी। सही कराया, फिर सोमवार को खराब हुई। फिर सही कराया। बार-बार मशीन खराब होने से मरीजों का परेशानी हो रही है। वहीं निजी लैब वालों की मौज आ रही है।


यह है महिला डॉक्टर
- डॉ. नाजिया अख्तर (डीजीओ)- एक माह से अवकाश पर।
- डॉ. रुचि गुप्ता (डीजीओ)-चार जुलाई से अवकाश पर।
- डॉ. अनामिका चौहान (डीजीओ)- 30 जून से 15 दिन के प्रशिक्षण के लिए बरेली गईं।

आधे घंटे ओपीडी में रहकर चली गईं
- जिला महिला अस्पताल में ईएमओ के रूप में डॉ. देविका सारस्वत तैनात हैं। वह कब ओपीडी में ड्यूटी करेंगी, इसके बारे में किसी को भी कोई जानकारी नहीं है। मंगलवार को ओपीडी में आधे घंटा रहने के बाद वह चली है। इसके बाद ओपीडी बंद होने तक लौटकर नहीं आईं।

वर्जन-
- सीएमओ को इस ओर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह डाॅक्टर सीएमओ के अधीन आते हैं। बिना किसी स्वीकृत अवकाश के यहां के डॉक्टर गायब हैं। मैंने अपनी तरफ से सीएमओ को पत्र लिखा है। इस प्रकार जिला महिला अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है।
-डॉ. शोभा अग्रवाल, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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वर्जन-
- यह सीएमएस स्तर का मामला है। उनको देखना चाहिए। अगर डाॅक्टरों की कमी है तो इसको दिखवाता हूं। मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ

जिला महिला अस्पताल में खाली पड़ा महिला डॉक्टर का एक कक्ष। संवाद

जिला महिला अस्पताल में खाली पड़ा महिला डॉक्टर का एक कक्ष। संवाद

जिला महिला अस्पताल में खाली पड़ा महिला डॉक्टर का एक कक्ष। संवाद

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