बिल्सी में लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
बिल्सी। मोहल्ला छह स्थित रामलीला मैदान पर गौशाला रामलीला समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वृंदावन से आए कलाकारों ने सीता हरण लीला का मंचन किया।
कलाकारों ने दिखाया कि शूर्पणखा की नाक कटने के बाद वह भाई खर-दूषण के पास जाती है। इसके बाद दोनों भाइयों व श्रीराम के बीच युद्ध होता है। इसमें दोनों भाई मारे जाते हैं। रावण अपने भाइयों के वध का बदला लेने के लिए मामा मारीच के साथ साजिश रचता है। मारीच सुंदर मृग बनकर श्रीराम की कुटिया के बाहर घूमता है। माता सीता मृग पर मोहित हो जाती हैं।
श्रीराम उस मृग को पकड़ने के लिए चले जाते हैं। श्रीराम मृग पर बाण चलाते हैं। मारीच मारा जाता है लेकिन मरने से पहले श्रीराम की आवाज निकालता है। आवाज सुनने के बाद लक्ष्मण सुरक्षा रेखा खींचकर श्रीराम की खोज में निकलते हैं। इस दौरान कुटिया में माता सीता अकेली हो गईं। रावण भेष बदलकर माता सीता का हरण कर लेता है। मंचन के दौरान मेला समिति के पदाधिकारी समेत कई लोग मौजूद रहे।