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Budaun News: शारदा में उफान, सवा लाख की आबादी जिला मुख्यालय से सवा सौ किमी दूर

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बाढ़ बचाव कार्यस्थल पर भरा नदी का पानी स्रोत: जागरूक ग्रामीण
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पूरनपुर। पहाड़ों पर हुई बारिश से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा तो पैंटून पुल से चार पहिया वाहनों का आवागमन थम गया। इससे शारदा नदी पार के गांव का तहसील मुख्यालय से आवागमन कट गया है। लोग 30 के बजाये 130 किमी की दूरी तय करके तहसील मुख्यालय पहुंच रहे हैं। वहीं तीसरी धार पर पैंटून पुल बनने वाले स्थान के पास का रास्ता कट जाने से बाइक चालक नदी में डेढ़ फुट पानी से होकर गुजर रहे हैं।
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तहसील क्षेत्र के शारदा पार गांवों में आवागमन के लिए हर साल शारदा नदी पर पैंटून पुल बनाया जाता है। बाढ़ की आशंका पर पुल 15 जून को हटाने और शारदा नदी में पानी कम होने पर 15 अक्तूबर को पुल से आवागमन शुरू करना लंबे समय से निर्धारित है। दो साल से पुल निर्धारित समय पर हटा तो लिया जा रहा है, लेकिन समय पर तैयार नहीं हो पा रहा।
इस बार 31 दिसंबर को पैंटून पुल तैयार होने पर आवागमन शुरू हुआ था। हालांकि बसों का संचालन 11 जनवरी को शुरू हो पाया था। दो दिन से पहाड़ों पर हो रही बारिश से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इस वजह से शनिवार को पैंटून पुल से आवागमन पूरी तौर से बंद हो गया। वहीं तीसरी धार पर पैंटून पुल बनने वाले स्थान के पास का रास्ता कट जाने से बाइक चालक नदी में डेढ़ फुट पानी से होकर गुजर रहे हैं। मुख्य पैंटून पुल बंद होने से नदी पार गांवों के लोगों को 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
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16 ग्राम पंचायतों की सवा लाख आबादी को होती है असुविधा
शारदा पार इलाके में ग्राम पंचायत मुरैनिया गांधी, शांतीनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, वमनपुर भागीरथ, रामनगर, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर सहित 16 ग्राम पंचायतों में करीब सवा लाख की आबादी है। बरसात में पैंटून पुल हटने से लोगों को तहसील मुख्यालय आने-जाने में काफी असुविधा होती है। ग्रामीणों को लखीमपुर के संपूर्णानगर, पलिया, भीरा, मैलानी, शाहजहांपुर के खुटार होकर आवागमन करना पड़ता है। पैंटून पुल से बसों और चार पहिया वाहनों का आवागमन थमने से इन गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं।






कार्यस्थल पर जलभराव से प्रभावित हुआ कटर बनाने का कार्य
शारदा नदी की बाढ़ और कटान से चंदिया हजारा, राहुलनगर, खिरकिया बरगदिया, कॉलोनी नंबर छह के बचाव को हाल में ही गांव चंदिया हजारा और राहुलनगर के बीच नदी किनारे कटर बनाने का काम शुरू हुआ है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कार्यस्थल पर जलभराव हो गया। शनिवार को जलभराव के चलते कार्य प्रभावित रहा।



शारदा नदी पर सेतु निर्माण की मिल चुकी है स्वीकृति, काम अब तक शुरू नहीं

केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयासों से शारदा नदी के धनाराघाट पर सेतु निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2024 में ही मिल चुकी है। लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम के जिम्मेदार वन विभाग की एनओसी और अन्य अड़चनों को अब तक दूर नहीं कर सके हैं। यही वजह है कि स्वीकृति और पहली किस्त आने के एक वर्ष बाद भी काम शुरू नहीं हो सका है। सेतु निर्माण के लिए दो अरब 69 करोड़ 13 लाख 59 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं। पहली किस्त के रूप में 94.19 करोड़ रुपये भी जारी हो चुके हैं।




पिछले कई साल से शारदा नदी की तीन धारों पर पैंटून पुल बनाया जा रहा है। इस बार एक धार सूखने पर दो धारों पर पैंटून पुल बनाया गया है। जिस तीसरी धार पर पैंटून पुल बनाया जाता था उसके पास निचला रास्ता होने की वजह से नदी का जलस्तर बढ़ने से जलभराव हुआ है। जलस्तर कम होने पर रास्ते को दुरुस्त करा दिया जाएगा। -मनोज कुमार, जेई पीडब्ल्यूडी

बाढ़ बचाव कार्यस्थल पर भरा नदी का पानी स्रोत: जागरूक ग्रामीण

बाढ़ बचाव कार्यस्थल पर भरा नदी का पानी स्रोत: जागरूक ग्रामीण

बाढ़ बचाव कार्यस्थल पर भरा नदी का पानी स्रोत: जागरूक ग्रामीण

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