बदायूं। डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी पीसी शर्मा की जमानत उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने पीसी शर्मा को 20 मार्च तक निचली अदालत में समर्पण करने का आदेश दिया है।
गत 23 मई 2016 को प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की घर जाते वक्त गाड़ी से टक्कर मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें तत्कालीन पूर्व बसपा विधायक सहित कई लोगों को नामजद कराया गया था। विवेचना में पूर्व विधायक की नामजदगी झूठी पायी गई। विवेचना में पीसी शर्मा व उसकी पत्नी कमलेश, उसके साले सहित कई लोगों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने पीसी शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पीसी शर्मा की जमानत, 26 अप्रैल 2017 को हाईकोर्ट इलाहाबाद से स्वीकृत हुई थी। वादिनी विपर्णा गौड़ ने अक्तूूबर 2017 में पीसी शर्मा की जमानत खारिज करने को एक रिट हाईकोर्ट में दायर की थी। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कोर्ट में उपस्थित वादिनी विपर्णा गौड़ को सुनने के बाद आरोपी पीसी शर्मा की जमानत छह मार्च 2020 को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा है कि पीसी शर्मा 20 मार्च तक निचली अदालत में समर्पण करे, अगर वह अदालत में हाजिर नही होता है तो पुलिस उसे गिरफ्तार कर जेल भेजे और मुकदमे का एक वर्ष के भीतर निस्तारण किया जाए।