बदायूं। 11 साल पहले गैर इरादतन हत्या करने के दोषी को सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई। साथ ही पचास हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की आधी धनराशि मृतक के पिता को देने का आदेश दिया है।
कादरचौक निवासी जगदीश ने 30 सितंबर 2014 को थाना कादरचौक में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें कहा कि 28 सितंबर को घर के पड़ोस का ही महेंद्र अपनी पत्नी को पीट रहा था। चीखपुकार की आवाज सुनकर उनका बेटा कालीचरण (15) वहां पहुंचा। महेंद्र की पत्नी को बचाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान महेंद्र ने कालीचरण के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर सभी साक्ष्यों को संकलन करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर महेंद्र को सात साल की सजा सुनाई साथ ही 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।