सांस्कृतिक कार्यक्रम, लघुनाटक प्रस्तुत कर बांधा समां
बिसौली रोड स्थित आरएस मिलेनियम स्कूल में शनिवार को नवरात्र व दशहरे के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा रामकथा के सुंदर प्रसंग, सीता का स्वयंवर का नाट्य मंचन में रामायण के विभिन्न पात्रों को निभाकर अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया।
कक्षा पांच की छात्राओं ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पर्व, आदि, रचित, प्रद्युम्न, खुशी, धु्रव, सक्षम, अनय, संस्कृति, आस्था, मोक्षा, सृष्टि, गौरी, रिषिका आदि का प्रदर्शन सराहनीय रहा। इस दौरान खुशबू, नेहा, कनिष्का आदि शिक्षिकाओं का सहयोग रहा। मैनेजमेंट की ओर से प्रबंधक अमित वैश्य व निदेशिका नेहा वैश्य ने सभी छात्रों का उत्साह वर्धन किया। इधर, ब्लूमिंगडेल तथा ब्लूमस स्कूल परिसर में ‘नवमी एवं दशहरा’ के पावन पर्व के उपलक्ष्य में एक विषेश प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों द्वारा तैयार अनेक मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। सर्वप्रथम प्रभु राम की भक्ति से ओतप्रोत भजन मंगल भवन अमंगल हारी... और दुनिया चले न श्रीराम के बिना... आदि प्रस्तुती दी। छात्रों ने श्रीराम के जीवन से संबंधित रामायण के कई महत्वपूर्ण अध्यायों का अद्भुत मंचन किया। साथ ही छोटे-छोटे बच्चों ने श्रीराम, सीता, लक्ष्मण व रावण आदि की वेशभूषा धारण कर मन मोहा। इस मौके पर प्रधानाचार्या वंदना सक्सेना, निदेशक ज्योति मेंहदीरत्ता, पम्मी मेंहदीरत्ता, ईशान मेंहदीरत्ता, अनीता धमीजा, नीविया आहुजा आदि ने उपस्थित रहकर छात्रों का उत्साहवर्धन किया। वहीं, बीआरबी मॉडल स्कूल में विजयादशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। उप प्राधानाचार्य विजया शर्मा ने इस पर्व का महत्व बताया। कहा सत्य को कितनी भी कठिनाई आए या दु:ख सहने पड़े, लेकिन अंत में जीत सत्य की होती है। बच्चों को उस पर चलने की प्रेरणा दी। अंत में बच्चों ने रावण दहन किया। इस अवसर पर प्रबंधक सुभाष बत्रा बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
टिथोनस इंटरनेशनल स्कूल में भी प्रार्थना सभा में शामिल होकर दशहरा पर्व मनाया। छात्रा नवांशी माहेश्वरी ने दहशरा पर्व की महत्ता पर प्रकाश डाला। राधिका गर्ग ने कविता सुनाई। इसके अलावा बच्चों नृत्य प्रस्तुत कर भगवान राम की महिमा का गान किया। बच्चों ने राम-दरबार प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर किया। शिल्पी बंसल ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम का चरित्र सारे विश्व को एक आदर्श प्रस्तुत करता है। प्रत्येक बच्चे को उनके जीवन चरित्र को पूर्णत: आत्मसात करने की आवश्यकता है। प्रार्थना सभा में मनाली राठौर, शिप्रा अरोरा, नगमा, शुभि गुप्ता, कुलदीप साहू, नकी अहमद, मनजीत आदि का योगदान रहा।