कस्तूरबा गांध बालिका आवासीय विद्यालयों में चाहे खानपान के सामान की खरीद का मामला रहा हो या फिर बच्चों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं के नाम पर मिलने वाला सामान। इनमें हर साल घपले सामने आते रहे हैं। अब नया घपला सामने आया है कि इन स्कूलों में तत्कालीन बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने प्रत्येक बॉ स्कूल के लिए एक-एक जनरेटर खरीदवाया था। इनमें एक की कीमत 75 हजार दर्शायी गई है। छह माह हो गए हैं, जनरेटरों को खरीदे हुए, लेकिन अभी तक किसी भी स्कूल में चालू नहीं कराया गया है। इस मामले में बरेली मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) ने पूरी रिपोर्ट तलब की है। वह खुद जांच कर रहे हैं।
बॉ स्कूलों की बालिकाओं को हर तरह की सुविधाएं दी जातीं हैं। खानपान का सामान भी क्वालिटी शका हो इसके आदेश होते हैं। पर स्थिति उसके उलट ही होती है। यहां तैनात रहे बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा का चित्रकूट तबादला हो गया था। रिलीव होने से पहले ही उन्होंने बॉ स्कूलों में जनरेटरों की खरीद करा दी। जानकारों की मानें तो यह जेनरेटर आगरा में बनवाए गए हैं, जिनकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहते हैं। एक जेनरेटर की कीमत 75 हजार बताई गई है। जिस ठेकेदार के जरिये यह जेनरेटर खरीदवाए गए उसे बिना चलवाए ही भुगतान भी करा दिया गया। काबिले गौर है कि जिले के किसी भी बॉ स्कूल में अभी तक यह जेनरेटर चालू नहीं किए गए हैं। वह सुरक्षित कोने में ही रखे हैं। लिहाजा, बिजली न होने पर बा स्कूलों में पढने वाली छात्राओं को गर्मी के मौसम में दिक्कतें उठानी पड़ रहीं हैं। शाम को अंधेरा हो जाने के बाद वह पढ़ाई भी नहीं कर पाती हैं। इससे छात्राओं के अभिभावकों में रोष भी है।
यह मामला उनसे समय का नहीं है,लेकिन जेडी ने पूरी रिपोर्ट मांगी थी। जनरेटर आगरा ब्रांड होने के कारण मामला गंभीर बन गया है। सो जेडी खुद ही जांच कर रहे हैं। वित्त एवं लेखाधिकारी ने भी जेडी को रिपोर्ट भेज दी है। प्रेमचंद्र यादव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
कहीं वापस न लौटाने पड़ जाएं जनरेटर
बदायूं। जेडी द्वारा खुद ही जांच किए जाने से बेसिक शिक्षा विभाग के जनरेटर घपले से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों में खलबली मची है। यहां तक चर्चा है कि यदि जांच में घपला साबित हो गया तो जनरेटर वापस संबंधित कंपनी को जा सकते हैं। तब ठेकेदार और इससे जुड़े अधिकारी-कर्मचारी भी लपेटे में आ सकते हैं।