बदायूं। सिविल लाइंस थाने में दर्ज छात्रवृत्ति घोटाले की विवेचना अब ईओडब्लू (आर्थिक अपराध शाखा) बरेली को ट्रांसफर हो गई है। इसमें करीब ढाई करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। कई स्कूल संचालकों ने जिला सहकारी बैंक मैनेजरों और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर ये घोटाला किया था।
विगत 15 मई को थाना सिविल लाइंस में ढाई करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले के संबंध में एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें 11 जिला सहकारी बैंक के मैनेजर, दो कैशियर, कई स्कूल के संचालक और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों समेत करीब 65 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद कई जिला सहकारी बैंक मैनेजर और कैशियर को सस्पेंड कर दिया गया था। बाकी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। इसकी विवेचना सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ओपी गौतम कर रहे थे। अब यह विवेचना बरेली ईओडब्लू (आर्थिक अपराध शाखा) को ट्रांसफर हो गई है। आगे की छानबीन ईओडब्लू शाखा करेगी।