बदायूं। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में हर तीन माह में एक बार सुरक्षा संबंधी मॉकड्रिल कराई जाएगी। इसका उद्देश्य किसी आपात स्थिति में छात्राओं और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकालने और बचाव के लिए तैयार करना है।
बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देश पर प्रत्येक कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में मॉक ड्रिल कराई जाएगी। मॉक ड्रिल के दौरान आग लगने, भूकंप या अन्य किसी आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों का अभ्यास कराया जाएगा। विद्यार्थियों और कर्मचारियों को यह बताया जाएगा कि संकट की स्थिति में घबराने के बजाय किस तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचना है और किस प्रकार एक-दूसरे की मदद करनी है।
सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विद्यालयों का निरीक्षण भी कराया जाएगा। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में सुरक्षा इंतजामों का ऑडिट थर्ड पार्टी के माध्यम से कराया जाएगा। इसमें भवन की स्थिति, आग से बचाव के इंतजाम, निकासी के रास्ते और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखा जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार का कहना है कि नियमित मॉक ड्रिल से विद्यार्थियों और स्टाफ में आपदा से निपटने का आत्मविश्वास बढ़ेगा। साथ ही कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जा सकेगा।