सुबह से ही मंदिरों में कतारें लगीं। बेल पाती, धतूरा, मौसमी फल आदि से भगवान को प्रसन्न किया गया। लोगों ने पंचामृत और दूध से भी भगवान शिव का अभिषेक किया। शिवालयों में भगवान शंकर का जयघोष गूंजता रहा। कांवड़ियों के जत्थे के जत्थे मंदिरों में आते रहे और भगवान पर गंगा से लाए जल से अभिषेक की वरदान मांगते रहे।
सावन में सोमवार भगवान भोले नाथ का खास दिन माना जाता है। आज सावन का तीसरा सोमवार था। पहले सोमवार से दूसरे और तीसरे सोमवार को शिवालयों में लगातार भीड़ बढ़ती रही है। जिले में गंगा घाट कछला से मिलने वाले सभी रास्तों पर कांवड़िया ही कांवड़िया दिखाई दे रहे थे। वाहनों पर पैदल, दौड़ लगाकर कांवड़ लाते कांवड़ियों ने पूरा इलाका शिवमय कर दिया। डीजे और लाउडस्पीकरों पर शिव के भजनों की गूंज पर नाचते-गाते रहे। शिवालयों के बाहर, बेलपाती, फल, फूल आदि भी दुकानें खूब चलीं।