बदायूं। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत जनपद की 900 ग्राम पंचायतों में आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) का निर्माण कराया गया है। गांव में कूड़ा प्रबंधन के लिए बनाए गए इन सेंटरों में कूड़ा नहीं रखा जा रहा है, जिससे इन्हें बनाए जाने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। बंद पड़े रहने के कारण इन सेंटरों की स्थिति दिन ब दिन खराब होती जा रही है। वहां गांवों में कूड़ा डालने से गंदगी फैल रही है।
जनपद की करीब 900 ग्राम पंचायतों में निकलने वाले कूड़े का निस्तारण करने के लिए आरआरसी बनाए गए हैं। एक ग्राम पंचायत पर आरआरसी बनाने के लिए 2.5 से 4 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इसके बाद उनमें सोकपिट, खाद के गड्ढे भी बना दिए गए। कई ग्राम पंचायतों में कूड़ा लेने के लिए गाड़ियां भी खरीदी जा चुकी हैं। सभी कार्य पूर्ण होने के बाद भी इनका संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है, जबकि पंचायती राज अधिकारी की ओर से पूर्व में ग्राम प्रधान और सचिवों को इनका संचालन शुरू करने को कहा जा चुका है। बावजूद इसके प्रधान और जिम्मेदार इनके संचालन में रुचि नहीं ले रहे। इसके कारण स्थिति खराब होती जा रही है।
ग्राम पंचायतों में आय बढ़ाने के उद्देश्य से बने थे आरआरसी
सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों में आरआरसी को आमदनी का जरिया बनाने के लिए निर्माण कराया गया था। यहां गांवों में निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों से वर्मी कंपोस्ट और जैविक खाद भी बनाई जानी थी। इन सेंटरों पर बनने वाली वर्मी कंपोस्ट और जैविक खाद की बिक्री करने से कर्मचारियों का मानदेय और ग्राम पंचायतों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया गया था। माना जा रहा है कि इन सभी झंझटों से बचने के लिए प्रधान और जिम्मेदार इनका संचालन करने से बच रहे हैं।
-निष्प्रयोज्य पड़े आरआरसी-
ग्राम पंचायत रेहड़िया में बने आरआरसी की स्थिति बदहाल हो चुकी है। इस सेंटर पर कूड़ा प्रबंधन का कार्य नहीं किया जा रहा है।उपयोग में न लाए जाने के कारण सेंटर के अंदर और आसपास घास उग आई है।
ग्राम पंचायत नरऊ खुर्द में बने आरआरसी पर शुरूआती कुछ दिनों में कूड़ा डाला गया। कूड़ा प्रबंधन का कार्य शुरू न होने से वहां कूड़ा डालना बंद कर दिया गया। अब गांव में कूड़ा डाला जा रहा है।
ग्राम पंचायत करकटपुर में बना आरआरसी बदहाल पड़ा है। सेंटर के निर्माण के बाद एक भी दिन कूड़ा प्रबंधन का कार्य नहीं किया गया, जिसके कारण आसपास घास भी उग आई है।
सभी ग्राम प्रधानों को आरआरसी संचालित करने के निर्देश दिए गए थे। अगर कहीं संचालन नहीं हो रहा है तब वहां पर जांच कराई जाएगी। - यावर अब्बास, डीपीआरओ
ग्राम पंचायत रेहड़िया में बदहाल पड़ा आरआरसी सेंटर। संवाद
ग्राम पंचायत रेहड़िया में बदहाल पड़ा आरआरसी सेंटर। संवाद