बदायूं। लूट के मामले में विशेष न्यायाधीश (डकैती) रेखा शर्मा ने साहबगंज बिल्सी निवासी अनवार को दोषी करार देते हुए दस साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
23 साल पहले बिल्सी क्षेत्र निवासी इलियास खां ने दो मई 2002 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि वह अपने दोस्त दुर्गपाल और उनकी पत्नी के साथ बाइक से एक शादी समारोह में शामिल होकर संभल के सियोंढारा से लौट रहे थे। दो मई 2002 की शाम करीब आठ बजे बिल्सी क्षेत्र के बैरमई बुजुर्ग गांव के पास ईंट भट्ठे पर जैसे ही पहुंचे वहां पहले से घात लगाए बैठे तीन-चार बदमाशों ने रस्सा खींचकर बाइक रोक ली।
बदमाशों ने दुर्गपाल की दो नाली बंदूक छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाशों ने तमंचे से फायर कर दिया, जिससे दुर्गपाल वहीं गिरकर घायल हो गए। इसी दौरान बदमाशों ने उनकी दोनाली बंदूक और उसकी कारतूस की पेटी लूट ली। पर्स भी लूट ले गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर सभी साक्ष्यों को संकलन करके अनवार सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
मंगलवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर व दोनाें पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी अनवार को दस साल की सजा सुनाई। इसी मामले में सह आरोपी नसीम और शमशाद के न्यायालय में उपस्थित न होने पर पत्रावली अलग कर दी गई है। जिस पर सुनवाई नहीं हो सकी है।