उझानी। नगर पालिका परिषद ने अप्रैल से प्रत्येक मोहल्ले में इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण कराने का निर्णय लिया है। सड़कों और उनके दोनों ओर बुनियादी अनुदान के करीब चार करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रस्तावित सड़कों के लिए नवसृजित उन काॅलोनियों को भी शामिल किया है जिनमें मकान बन जाने के बाद भी गलियों में धूल के गुब्बार उड़ते नजर आते हैं।
सड़कों के अभाव में सबसे ज्यादा दिक्कत श्रीनारायणगंज मोहल्ले के मिल कंपाउंड, अहीरटोला, गंजशहीदा, बहादुरगंज, बाजारकलां, गंजशहीदा और गौतमपुरी मोहल्ले में नवसृजित काॅलोनियों के लोगों को है। आबादी में वृद्धि के साथ ही इन इलाकों में मकानों की संख्या भी बढ़ती जा रही है, लेकिन सड़क-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का टोटा है।
इस वजह से घरों के आसपास जलभराव की समस्या भी बनी हुई है। कुछ इलाके ऐसे भी हैं, जहां गृहस्वामियों को बाइक दूर खड़ी कर दरवाजे तक पहुंचना पड़ता है। पालिका प्रशासन ने पिछले महीना ऐसे इलाकों की सूची तैयार कराके जेई से मौका मुआयना भी कराया था।
इसके बाद आगे की कार्रवाई के तहत डीपीआर तैयार की गई। डीपीआर के मुताबिक, इन सभी को बनाने में चार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। ईओ अब्दुल शबूर के मुताबिक, सड़कों का निर्माण कार्य अप्रैल में शुरू होगा। पक्की सड़कों से कोई मोहल्ला अछूता नहीं रहेगा। जहां नालों की आवश्यकता होगी, वह भी बनाए जाएंगे।
बाइपास समेत लिंक रोड पर नाला तैयार
नगर पालिका परिषद ने करीब डेढ़ महीना पहले पंजाबी काॅलोनी समेत बाइपास और उससे जुड़े बिजली उपकेंद्र के पीछे स्थित लिंक रोड पर नाला निर्माण शुरू कराया था। बाइपास पर नाला निर्माण के लिए शासन स्तर से विशेष अनुदान मिला था। लिंक रोड और बाइपास पर नाला निर्माण इसी सप्ताह पूरा हो गया है। अप्रैल से ही पालिका परिसर में अध्यक्ष के दफ्तर का निर्माण शुरू होना है। पालिकाध्यक्ष के दफ्तर के लिए 39.15 लाख रुपये अवमुक्त हो चुके हैं।
प्रत्येक मोहल्ले में इंटरलॉकिंग सड़कों और नालियों के निर्माण के लिए अभिलेखीय औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इसके अलावा भी जहां सड़कों की कमी महसूस होगी, आगे चलकर वहां भी काम कराया जाएगा।- पूनम अग्रवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद