बदायूं। शहर की जर्जर सड़कों को सुधारने के नाम पर नगर पालिका प्रशासन और ठेकेदारों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कों की हालत में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा। जगह-जगह मरम्मत के नाम पर आधे-अधूरे काम कर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
हालात यह हैं कि कई मार्गों पर गड्ढों को ढंग से भरने के बजाय उन पर रेता-बजरी डालकर बोरियां बिछा दी गईं हैं। वाहनों के चलने से बोरियां उधड़ने लगी हैं, वहीं डाली गई रेता-बजरी सड़क पर बिखरने लगी है। मार्ग के गड्ढे जस के तस हैं। छह सड़का से मंदिर मार्ग, जोगीपुरा मार्ग, नगर पालिका मार्ग, पुरानी बाजार मार्ग और पनबड़िया मार्ग पर इस तरह की अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने इसे खुला भ्रष्टाचार बताते हुए नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका की ओर से रुपया तो स्वीकृत हो गया, लेकिन ठेकेदारों ने मानकों की अनदेखी कर मरम्मत कार्य को मज़ाक बना दिया।
पुरानी बाजार और जोगीपुरा के व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन को दिखावे के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने पर भी न तो कोई अधिकारी मौके पर आया और न ही खराब मरम्मत को सुधारा गया।
वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष व व्यापारी अरविंद गुप्ता का कहना है कि शहर में सड़कें बनती हैं, लेकिन वह एक साल भी नहीं टिक पातीं। पूर्व में कई सड़कें बनीं, जो अब टूट चुकी हैं। इनकी जांच हुई, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
व्यापारी उज्जवल गुप्ता का कहना है कि शहर में सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि सड़कें सही नहीं बनेंगी तो चलेंगी कैसे। ऐसे में सड़क निर्माण कार्य बेहतर हो तो हर किसी को इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा जो भी सड़कें घटिया क्वालिटी से बनाई जा रही है उनकी जांच करवाकर कार्रवाई की जरूरत है।
इन सड़कों पर बिछा दी गईं हैं बोरियां
शहर की प्रमुख सड़काें में छह सड़का से मंदिर मार्ग, जोगीपुरा मार्ग, नगर पालिका मार्ग, पुरानी बाजार मार्ग और पनबड़िया मार्ग पर इस तरह की अनियमितताएं देखने को मिलीं। इन मार्गों पर पैचिंग के नाम पर रेता-बजरी डालकर ऊपर से बोरियां बिछा दी गईं हैं, जिन पर से गुजरना मुश्किल हो रहा है। वाहन चलने से यह बोरियां उधड़ने लगी हैं। वहीं डाला गया रेता और बजरी सड़कों पर फैलने लगी है। इससे धूल भी उड़ रही है।
26 सड़कों का हो रहा है निर्माण
शहर में करीब 50 से अधिक सड़काें की हालत जर्जर है। इस समय 26 सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें कुछ सड़कें ऐसी हैं जो कम जर्जर हैं तो उन पर पैचवर्क कराया जा रहा है। सबसे खराब काम पैचवर्क में ही हो रहा है।
एक साल पहले बनी सड़क पर की गई पैचिंग
छह सड़का के पास जिस सड़क पर पैचिंग का काम हुआ है वह एक साल पहले बनी थी। सड़क खराब हो गई थी, इसलिए ठेकेदार के स्तर से यह काम दोबारा कराया जा रहा है।
ठेकेदारों की सेटिंग, सही से नहीं करते काम
सड़कों का निर्माण कराने वाले कई ठेकेदारों की सेटिंग प्रभावशाली लोगों से रहती है। नतीजतन वह काम सही से नहीं करवाते, सेटिंग के चलते सड़क बनाने के बाद उसका भुगतान भी आसानी से हो जाता है। इसके बाद उस तरफ कोई ध्यान नहीं देता, जबकि नियम है कि यदि कोई सड़क बनाई जाए तो उसकी देखरेख संबंधित ठेकेदार को पांच साल तक करनी होती है। इसके नियम का पालन होता कहीं नहीं दिख रहा।
शहर की निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता की विशेष निगरानी टीम के जरिये कराई जाती है। यदि कहीं किसी जगह पर काम सही तरीके से नहीं हो रहा है तो इसे दिखवाया जाएगा। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका परिषद, बदायूं
छह सड़का से शिव मंदिर के बीच पेचिंग के नाम पर लीपापोती। संवाद
छह सड़का से शिव मंदिर के बीच पेचिंग के नाम पर लीपापोती। संवाद