उझानी (बदायूं)। पत्नी से कहासुनी के बाद सोमवार रात में रिक्शा चलाने वाले सत्यवीर सिंह ने दुपट्टे से फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। शव कमरे में पंखे से लटका मिला। जागने पर पत्नी ने उसके शव को फंदे पर झूलता देखा तो चीख पड़ी। फंदा काटकर उसने शव उतार लिया। सूचना मिलते ही पुलिस भी तड़के मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मृतक के परिजन से जानकारी करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
आत्महत्या का मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव जमरौली का है। ई-रिक्शा पोलर सत्यवीर सिंह (34) शाम सात बजे घर पहुंचा। भाई राजवीर के मुताबिक खाना खाते समय पत्नी से सत्यवीर की किसी बात पर कहासुनी हो गई। इसके बाद तीनों बच्चों समेत दंपती कमरे में सो गया। आधी रात को पत्नी शीतल की आंख खुली तो सत्यवीर कमरे में ही पंखे पर फंदे से लटका नजर आया। यह देखकर वह चीख पड़ी। बच्चे भी जाग गए। पत्नी ने हंसिये से दुपट्टे का फंदा काटा तो शव जमीन पर गिर गया। चीखपुकार सुनकर कमरे में पहुंचे परिजन ने पुलिस को कॉल कर दी। अब्दुल्लागंज चौकी इंचार्ज हरीशचंद्र पाठक ने मृतक के परिवार से जानकारी की।
तहकीकात के दौरान ही मौत की वजह काफी हद तक साफ हो गई लेकिन परिवार के ही कुछ लोगों ने कहासुनी की बात सामने आने के बाद परिवार की एक महिला की भूमिका पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। सत्यवीर के तीन बच्चे हैं। वह तीन भाइयों में मंझला था। बड़ा भाई रामवीर दिल्ली में था जो सूचना के बाद अपराह्न घर लौट आया है। सीओ ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन के हवाले कर दिया गया है। मृतक की पत्नी ने भी आत्महत्या करने की जानकारी दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं मिल पाई है। रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।