गांव गूरा बरेला में जांच करती राजस्व विभाग की टीम। संवाद
म्याऊं। ग्रामीणों के त्रस्त एक परिवार ने पलायन की चेतावनी का बैनर घर के बाहर लगाया तो अफसर सक्रिय हो गया। बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को दो दिन में न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। उसके बाद पीड़ित परिवार शांत हुआ है। कानूनगो राकेश ने बताया कि वह टीम के साथ गूरा बरेला गए थे। मौके का निरीक्षण किया। पीड़ित परिवार से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि दो दिन के भीतर एसडीएम और प्रभारी निरीक्षक थाना उसावां की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच विवाद का निपटारा कराएंगे। पूरा मामला जमीन के विवाद से जुड़ा है। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया गया।
यह था मामला
नेकराम शर्मा ने रामकली कश्यप को कुछ जमीन बेची थी। उसी जमीन का बंटवारा नेकराम के भाई ओमप्रकाश ने तहसील में चल रहा है। ओमप्रकाश का कहना था कि पहले बंटवारा पूरा होने दिया जाए, उसके बाद ही भूमि का कब्जा दिया जा सकता है। गांव में कश्यप जाति के लेाग बहुसंख्यक हैं। ओम प्रकाश ने रामकली पक्ष पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। कब्जा न मिलने पर रामकली पक्ष के लोगों ने ओमप्रकाश के परिवार को धमकाना था। इससे परेशान होकर ओमप्रकाश ने घर के बाहर पलायन की चेतावनी का बैनर लगा दिया था। अब तहसील प्रशासन के हस्तक्षेप से परिवार को उम्मीद जगी है कि उनके साथ न्याय होगा।