बदायूं। कादरचौक स्थित राधिका अस्पताल में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही से नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आ सकी है। बृहस्पतिवार को रिपोर्ट सौंपे जाने की चर्चा थी। रिपोर्ट में देरी से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब परिजनों ने आरोप लगाया कि कादरचौक सीएचसी पर तैनात डॉ. अवधेश राठौर ही अपनी बहन को राधिका अस्पताल संचालित करा रहे हैं। इसी अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला के सीने पर बैठकर डिलीवरी कराई गई थी। आरोप है कि इस दौरान नवजात की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम में डिप्टी सीएमओ डॉ. अमित रस्तोगी, डॉ. पवन जायसी और महिला चिकित्सक डॉ. आकांक्षा यादव को शामिल किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार तक सीएमओ कार्यालय को सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब तक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। विभागीय अधिकारियों की ओर से कभी दस्तावेजों की जांच तो कभी अन्य प्रक्रिया का हवाला देकर समय लिया जा रहा है। रिपोर्ट में हो रही देरी को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
परिजनों का कहना है कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सीएमओ डॉ. श्रीमोहन झा का कहना है कि जांच अंतिम चरण में है और एक-दो दिन में रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।