वेतन वृद्धि, प्रोन्नति, पुरानी पेंशन व्यवस्था समेत छह सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल संघ ने प्रांतीय आह्वान पर कलम बंद हड़ताल की और मालवीय आवास पर धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया।
अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल लंबे समय से आंदोलित हैं। तहसील में प्रदर्शन से लेकर तहसील दिवसों के बहिष्कार तक उनका आंदोलन जारी रहा है। एक बार फिर लेखपाल आंदोलित हैं। इसी के तहत लेखपालों ने मालवीय आवास पर एकत्र होकर जबर्दस्त प्रदर्शन किया। धरना देकर अपनी मांगों को दोहराया और जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह के नेतृत्व में लेखपाल संघ से जुड़े लेखपालों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। जिलामंत्री राम निवास मिश्रा ने सभी छह मांगों को सरकार से अतिशीघ्र पूरी कराए जाने को कहा तो तहसील अध्यक्ष रिजवान खां ने कहा कि मांगें पूरी होने तक लेखपाल शांत नहीं बैठेंगे। लेखपालों का कहना था कि सरकार उनकी सभी मांगों के बारे में तत्काल फैसला ले। यदि ऐसा नहीं होता है कि तो 30 अगस्त को लेखपाल संवर्ग के कर्मचारी विधान सभा का घेराव कर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। धरना प्रदर्शन में सभी तहसीलों का प्रतिनिधित्व रहा। तेजपाल सिंह, सुधाकर पाठक, अंबरीश गुप्ता, सर्वेश सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, कमल सिंह, श्याम कुमार, सुशील कुमार, नीरज कुमार सिंह, राजपाल सिंह, राधेश्याम, चंद्र प्रकाश, कुतुबुद्दीन आदि ने भी मांगों को लेकर शासनादेश जारी करने की मांग उठाई। अध्यक्षता दिलशाद खां ने की।