ग्रामीणों के अनुसार इन फसलों के बचने के आसार नहीं हैं। बाढ़ प्रभावित कटरी क्षेत्र में धान और बाजरा ही मुख्य फसल है। उड़द और तिल की फसल भी बहुतायत में होती है। गांव कुंडर मजरा के ग्राम पंचायत के प्रशासक (पूर्व प्रधान) तपन सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत में लगभग 500 बीघा धान और बाजरा की फसल में 4 से 5 फिट पानी भर गया था। अभी तीन से चार फीट तक भरा है। तीन दिनों से धूप में भी काफी तेजी है। जलभराव में पूरी तरह से डूबी फसल सड़कर नष्ट हो रही है।