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दबतोरी में निकाली गई राम बारात

Mon, 25 Sep 2017 12:13 AM IST
दबतोरी।
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रामलीला - फोटो : अमर उजाला
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दबतोरी में निकाली गई राम बारात
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कस्बे में पूजा अर्चना  के बाद में मनमोहक झांकियों के साथ राम बारात निकाली गई। जिसका लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। वहीं कलाकारों ने करतब भी दिखाए।        
रविवार को दोपहर दो बजे पूजा-अर्चना के बाद मेला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर राम बारात की शुरुआत की। राम बारात का जगह जगह महिलाओं ने आरती उतारकर स्वागत किया। बारात में भक्ति संगीत पर कलाकार नृत्य और करतब करते दिखे। भीड़ को देखते हुए पुलिस फोर्स मौजूद रही। इस अवसर पर मेला प्रबंधक ग्रीश पाल सिंह,  सतेंद्र सिंह, अरुण कठेरिया, सुनील सिहं, धनपाल सिंह, उमेश भदौरिया, रामवीर शर्मा आदि मौजूद रहे।
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अहंकार से हमेशा दूर 
रहना चाहिए: शर्मा
विधायक ने किया रामलीला मेले का उद्घाटन
बिल्सी। नगर के रामलीला ग्राउंड पर गोशाला रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चलने वाले रामलीला मेले का उद्घाटन शनिवार की रात क्षेत्रीय विधायक आरके शर्मा ने भगवान राम के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।  
उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्श को जनता तक पहुंचाने का सबसे उचित तरीका रामलीला मेला होता है। इसलिए लोगों को ऐसे आयोजन करते रहना चाहिए।  मनुष्य को भी अपने अंदर अहंकार नहीं लाना चाहिए। अहंकार मनुष्य को खत्म कर देता है। लंकापति रावण जैसा सर्व शक्तिमान व्यक्ति अहंकार के सामने नहीं टिक पाया। उसे भगवान राम के हाथों आखिरकार मरना ही पड़ा।  भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य ने कहा कि रामलीला के माध्यम से हमारी प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति की पहचान बनी हुई है। इससे पहले मेला कमेटी के अध्यक्ष विनोद पालीवाल समेत पदाधिकारियों ने विधायक का फूलमाला पहनाकर जोरदार स्वागत किया।  
इस मौके पर युवा कवि आशीष वशिष्ठ, सुवीन माहेश्वरी, संजीव वार्ष्णेय, जितेंद्र वार्ष्णेय, रजनीश शर्मा, विनोद पालीवाल, रामबाबू, दीपक चौहान, शेखर सक्सेना, पीयूश शाक्य, मोहित गुप्ता, गौरव आदि मौजूद रहे। संचालन भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष विवेक राठी ने किया।
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भगवान राम ने तोड़ा धनुष
बदायूं। गांधी ग्राउंड पर श्रीराम लीला महोत्सव के अंतर्गत बिहार से आए कलाकारों ने धनुुष यज्ञ लीला का मंचन किया। इसे देखकर दर्शक भावुक हो गए और भगवान राम के जयकारे लगाने लगे। 
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मारीच के वध के बाद राजा जनक द्वारा विश्वामित्र के पास अपनी पुत्री के विवाह स्वयंवर का निमंत्रण भेजते हैं। जिसमें विश्वामित्र भगवान राम और लक्ष्मण को अपने साथ जनकपुरी लेकर जाते है। जहां पर शिव धनुष को खंडन करने वाले राजा के साथ सीता का विवाह करने की घोषणा की जाती है। स्वयंवर में दूर-दूर के राजा धनुष को तोड़ने का प्रयास करते हैं। बाद में विश्वामित्र भगवान राम को धनुष तोड़ने की आज्ञा देते है। भगवान राम गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए भगवान शिव के धनुष को खंडित कर देते हैं। जिसको लेकर भगवान परशुराम और लक्ष्मण के बीच शब्द बाणों का युद्ध होता है। भगवान राम, परशुराम को जैसे तैसे कर शांत करते हैं। लीला के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। ब्यूरो
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