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दोपहर बाद छाए बादल, कई स्थानों पर बारिश, तापमान गिरा

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दातागंज में सड़क का बुरा हाल, जलभराव और कीचड़ से लोग बेहाल। - फोटो : BADAUN
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बदायूं। सप्ताह के अंत में तीन दिन बारिश और बूंदाबांदी के चलते मौसम काफी खुशनुमा रहा था। लेकिन पिछले तीन दिन से उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी। बुधवार को एक बार फिर मौसम ने करवट ली। दिन की शुरुआत तो धूप के साथ हुई लेकिन दोपहर बाद घने बादल छा गए। शाम होते-होते बारिश भी हुई। जिले में सहसवान समेत कई स्थानों पर अच्छी बारिश के बाद तापमान में कमी आई है।
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बुधवार शाम को जिले में कई स्थानों पर बारिश और शहर में बूंदाबांदी के बाद मौसम एक बार फिर से खुशनुमा हो गया है। मौसम के जानकारों का कहना है कि एक बार फिर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. आलोक सागर गौतम के अनुसार अगले तीन से चार दिन तक मौसम इसी तरह बना रहेगा। बृहस्पतिवार को भी अच्छी बारिश का अनुमान है। आमतौर पर सावन को बारिश का महीना माना जाता है। इस बार सावन में मानसून कमजोर हो गया था। दस दिसंबर से बंगाल की खाड़ी में चक्रवर्ती परिसंचरण पैदा हो रहा है। यह परिसंचरण उत्तर की ओर बढ़ रहा है। इसी कारण सप्ताह के अंत में कई दिन तक बादल छाने के साथ बूंदाबांदी हुई थी। एकबार फिर से हवाओं के परिसंचरण बिहार होते हुए उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। कम दबाव के क्षेत्रों में अगले तीन से चार दिन तक मौसम इसी तरह का बना रहने का अनुमान है।
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दातागंज में सड़कें बनीं तालाब
दतागंज। भारी बारिश के बाद बुधवार को आदर्श नगर पालिका की पोल खुल गई। नगर में तमाम स्थानों पर कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नगर पालिका दातागंज एक समय में जिले में सबसे उत्कृष्ट कार्यों के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब यहां तस्वीर बदल गई है। विकास के नाम पर बजट तो खर्च हो रहा है लेकिन विकास कार्य धरातल पर नजर नहीं आते। नगर में ब्लॉक परिसर के पास से निकलने वाला बाईपास दुर्दशा का शिकार है। यहां बड़े-बड़े गड्ढों के कारण काफी समस्या होती है। बारिश के दिनों में जलभराव और कीचड़ से नारकीय हालात बन जाते हैं। करीब 15 गांवों का रास्ता यहां से होकर जाता है। रोड की दुर्दशा के कारण व्यापारी वर्ग भी परेशान हैं। बुधवार को हुई बारिश के बाद यहां हालात और भी खराब हो गए हैं। इसके साथ ही नगर में तमाम स्थानों पर जलभराव के कारण भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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धान, ज्वार और बाजरा की फसलों को फायदा
उझानी (बदायूं)। बुधवार को तेज बारिश से धान उत्पादकों के चेहरे खिल उठे। इसके अलावा बाजरा, ज्वार, उड़द की फसलों को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन मक्का को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
खरीफ की फसलों में इन दिनों धान, बाजरा, ज्वार और उड़द के अलावा सब्जी फसलें भी खेतों में हैं। धान की फसल को अधिक सिंचाई चाहिए, ऐसे में बुधवार दोपहर में हुई तेज बारिश ने धान की फसल का सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाने का काम किया है।
वनगवां गांव के प्रेमपाल ने बताया कि धान की अगेती और पिछेती फसल पर इस बारिश के बाद हरियाली लौट आएगी।
इसके अलावा अन्य फसलों में मक्का पकने को तैयार है। भुंटों में दाने मजबूत होने लगे हैं। ऐसे में अधिक बारिश भुंटे के अंदर दानों को सड़ा सकती हैं। बाजरा, ज्वार और उड़द की फसल भी फायदे में है। निचले खेतों में पानी भर जाने से खासकर उड़द को नुकसान हो सकता है लेकिन अगर खेतों से बारिश के पानी की निकासी कर दी गई तो उसे नुकसान नहीं होगा। सब्जी फसलों में अगेती गोभी फूलने लगी है। आलू की गड़ाई का काम फिलहाल प्रभावित हो सकता है। इलाके में आलू के खेतों की तैयारी भी की जा चुकी है। आलू का रकबा पिछले साल के मुकाबले बढ़ने की उम्मीद है। संवाद
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बुधवार को जिले में बारिश हुई है। बारिश से फिलहाल किसी भी फसल को नुकसान नहीं हुआ है। धान, ज्वार और बाजरा को फायदा रहेगा। धान के अलावा अगर किसी और फसल में बारिश का पानी भर गया है तो उसे खेत से बाहर निकालने के लिए इंतजाम करने होंगे।
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- डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक
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