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जिला अस्पताल में कोरोना जांच बंद होने से भड़के लोग, किया हंगामा

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बदायूं। जिला अस्पताल में बुधवार दोपहर कोरोना जांच बंद होने से लोग भड़क गए। उन्होंने कर्मचारियों पर रुपये लेने, लापरवाही और सुबह से लाइन में खड़े कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना पर सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। फिर उनकी लाइन लगवाकर कोरोना जांच शुरू कराई। मामले में लापरवाही पर सीएमएस ने पांच कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
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बुधवार को जिला अस्पताल में तमाम लोग कोरोना की जांच कराने पहुंचे। दोपहर करीब 12 बजे तक जिन लोगों के सैंपल लिए गए, वह अस्पताल से चले गए लेकिन उसके बाद कोरोना जांच के सैंपल लेना बंद कर दिए गए। जिन लोगों के सैंपल नहीं हो पाए, उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। बताते हैं कि इनमें कई ऐसे लोग थे, जो सुबह 10 बजे आ गए थे लेकिन 12 बजे तक उनका नंबर नहीं आया। ये लोग दोपहर एक बजे तक लाइन में खड़े रहे। तब तक उनकी सैंपलिंग नहीं हो पाई। जिस पर लाइन में खड़े लोग लगातार कर्मचारियों से कह रहे थे कि उनका सैंपल लिया जाए। वह तीन घंटे से यहां खड़े हैं। वह खड़े-खड़े थक चुके हैं। कर्मचारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। शोर शराबे के बीच फार्मासिस्ट वीर सिंह अस्पताल छोड़कर बाजार चले गए। इससे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर कुछ लोग सीएमएस कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम को इसकी जानकारी दी। उन्हें बताया कि सुबह से लोग लाइन में खड़े हैं। उनकी जांच नहीं हो रही है। एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि कर्मचारी कोरोना जांच करने के लिए दो-दो सौ रुपये ले रहे हैं। इस पर सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम वहां पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों को डांट लगाकर दोबारा काम पर लगाया। कहा कि दो कर्मचारी लोगों का रजिस्ट्रेशन करें और दो कर्मचारी सैंपलिंग करें, जिससे सैंपलिंग जल्दी हो सके। तब कहीं लोग शांत हुए। सीएमएस ने लापरवाही पर फार्मासिस्ट और चार कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। बाद में शाम तक सैंपलिंग का काम होता रहा।
फार्मासिस्ट वीर सिंह सैंपल छोड़कर चले गए थे। अन्य कर्मचारियों ने भी सैंपलिंग बंद कर दी थी। इस पर लोगों ने हंगामा किया था। हमने दोबारा सैंपल लेने की कार्रवाई शुरू कराई। इस पर लापरवाही पर हमने वीर सिंह समेत पांच कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। - डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस जिला अस्पताल
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