रेहड़िया (बदायूं)। दिसौलीगंज विद्युत उपकेंद्र के गांव धिमरपुरा में शुक्रवार को बिजली निगम के संविदा कर्मी ने एक प्राइवेट कर्मी को हाईटेंशन लाइन पर चढ़ा दिया। इस पर आए भीषण करंट से उसका सिर झुलसकर नीचे आ गिरा तो आसपास देख रहे लोगों में हाहाकार मच गया। धड़ भी बिजली लाइन के टी-प्वाइंट पर लटका रह गया, जिससे धुआं छूटता रहा। एक अन्य लाइनमैन शव उतारने चढ़ा तो उसके भी करंट से हाथ झुलस गए। वहां एकत्रित ग्रामीणों में घटना को लेकर आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना पर जेई मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें दौड़ा दिया। बाद में सीओ समेत कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। करीब छह घंटे बाद शव नीचे उतारा जा सका।
थाना वजीरगंज क्षेत्र के गांव धिमरपुरा में शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे हाईटेंशन लाइन पर काम करते समय करंट लगने से प्राइवेट कर्मी अरविंद (30 वर्ष) पुत्र रक्षपाल सिंह की मौत हो गई। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उसे टी-पॉइंट के खंभे पर जंपर जोड़ने के लिए चढ़ाया गया था। करंट से वह बुरी तरह झुलस गया। हादसा इतना भीषण था कि उसका सिर झुलसकर नीचे आ गिरा, जबकि शेष हिस्सा खंभे पर ही लटका रह गया। अफरातफरी और ग्रामीणों के आक्रोश के बीच शाम तीन बजे धड़ को उतारा गया। इस तरह बिजली लाइन पर उसका धड़ छह घंटे तक लटका रहा।परिजनों का आरोप है कि उनके क्षेत्र में संविदा लाइनमैन ज्ञानेंद्र काम करता है। वह खुद तो काम पर आता नहीं, बरखेड़ा निवासी प्राइवेट कर्मी यशवीर को बुला लेता है।
शुक्रवार को भी उसे संविदा कर्मी ने ही बुलाया था, लेकिन वह अरविंद को बुला लाया। बिना सुरक्षा इंतजाम के काम पर लगा दिया। करंट आने से अरविंद की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद यशवीर मौके से भाग गया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
दूसरे लाइनमैन को भी लगा करंट, जेई को ग्रामीणों ने दौड़ाया
- कार्रवाई पर अड़े रहे ग्रामीण व परिजन, छह घंटे चला बवाल
- बिजली विभाग के खिलाफ सड़क पर दिखा आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
रेहड़िया। बिजली के तारों में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि शव उतारने गए दूसरे लाइनमैन को भी करंट लग गया और वह झुलस गया। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने करीब छह घंटे तक हंगामा किया, जिसके बाद बिजली विभाग ने कार्रवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर जितेंद्र को निलंबित कर दिया है। दो संविदा कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है और उनकी संविदा समाप्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया गया है।
वजीरगंज थाना क्षेत्र के धिमरपुरा गांव निवासी अरविंद भूसा उतार रहे थे, तभी निजी लाइनमैन यशवीर उन्हें काम पर बुलाकर ले गया था। बिजली के खंभे पर काम करते समय अरविंद को करंट लग गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर जब शव को खंभे से उतारने का प्रयास किया गया, तो क्रेन के सहारे दूसरे लाइनमैन भारत को खंभे पर चढ़ाया गया। तारों में करंट होने के कारण भारत को भी करंट लग गया, जिससे उनका हाथ झुलस गया। वह किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने मौके पर पहुंचे जेई को दौड़ा लिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण और परिजन दोषी पर कार्रवाई की मांग को लेकर करीब छह घंटे तक हंगामा करते रहे। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ बिसौली संजीव कुमार, तहसीलदार विजय शुक्ला, वजीरगंज इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार सिंह समेत वजीरगंज और बिसौली थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
जेई निलंबित, दो संविदा कर्मियों पर कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में जूनियर इंजीनियर (जेई) जितेंद्र की लापरवाही सामने आने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही, एसएसओ मोहित पाराशरी और संविदाकर्मी लाइनमैन ज्ञानेंद्र शाक्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि एसएसओ मोहित पाराशरी पर अनावश्यक रूप से फीडर को चालू-बंद करने का आरोप है। वहीं, संविदाकर्मी लाइनमैन ज्ञानेंद्र शाक्य पर खुद काम न करवाकर बाहरी व्यक्ति से काम करवाने का आरोप है। अधीक्षण अभियंता ने यह भी बताया कि इन दोनों संविदा कर्मियों की संविदा समाप्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
मृतक के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक अरविंद धिमरपुरा गांव के निवासी थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो छोटे बच्चे हैं। उनके पुत्र आशीष की उम्र सात वर्ष है और पुत्री शिल्पी नौ वर्ष की है। अरविंद की अचानक हुई मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
ग्रामीणों का आक्रोश, लाइनमैन की लापरवाही से गई जान
बिजली निगम की लापरवाही के कारण हुई इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश था। उन्होंने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली निगम की मनमानी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को शांत करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफी प्रयास किए। तहसीलदार विजय शुक्ला ने मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का आश्वासन देकर ग्रामीणों के गुस्से को शांत करने में मदद की।
गांव धिमरपुरा में हाइटेंशन लाइन पर लटका प्राइवेट लाइनमैन का शव। संवाद- फोटो : सड़क हादसे के बाद जल रही बाइक।
गांव धिमरपुरा में हाइटेंशन लाइन पर लटका प्राइवेट लाइनमैन का शव। संवाद- फोटो : सड़क हादसे के बाद जल रही बाइक।
गांव धिमरपुरा में हाइटेंशन लाइन पर लटका प्राइवेट लाइनमैन का शव। संवाद- फोटो : सड़क हादसे के बाद जल रही बाइक।
गांव धिमरपुरा में हाइटेंशन लाइन पर लटका प्राइवेट लाइनमैन का शव। संवाद- फोटो : सड़क हादसे के बाद जल रही बाइक।