बिजली विभाग के ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले संविदा बिजली कर्मियों ने मानसिक और आर्थिक दोहन का ठीकरा विभाग और ठेकेदार पर फोड़ते हुए पूर्व की भांति काम बंद कर दिए जाने की चेतावनी दी है। अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन अधीक्षण अभियंता को सौंपा है।
संविदा बिजली कर्मचारियों को कहना है कि अक्तूबर, 2013 से उनका मानसिक और आर्थिक शोषण हो रहा है। संबंधित ठेकेदार ने उन्हें ईपीएफ का पैसा नहीं दिया है। मौजूद ठेकेदार ने श्रम विभाग में उनका रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया। उनके लिए परिचय पत्र दिए जाने की बात होती रहीं है लेकिन कोई परिचय पत्र भी जारी नहीं किया गया। कर्मचारियों ने साप्ताहिक अवकाश और आठ घंटे काम के अतिरिक्त काम करने पर अतिरिक्त मानदेय की भी मांग की है। कर्मचारियों ने कहा है कि पहले भी वे इस प्रकार की मांगे करते रहे हैं लेकिन मांगे पूरी न होने पर काम बंद कर प्रदर्शन करना पड़ा था। यही हालत अब बन रहे हैं। यह चाहते हुए भी बिजली व्यवस्था मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चले लेकिन स्थानीय ठेकेदारों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वह काम बंद करने को मजबूर हो जाएंगे।
ज्ञापन देने वालों में देवराज सिंह, अमरजीत व्यास, अवनेश कुमार, मो. हिलाल, देवेंद्र सिंह, विजय कुमार, अनूप कुमार सिंह, राजीव कुमार, रईस, रूप किशोर, ज्वाला प्रसाद, दौलतराम, संजय सिंह, धीरज सिंह, लकी शर्मा, अखिलेश चंद्र आदि शामिल रहे।