बदायूं। बेटे के जन्म के बाद अधिक रक्तस्राव होने से प्रसूता की हालत बिगड़ गई। ससुर समेत परिजनों ने उसे प्राइवेट अस्पताल के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। यहां बुधवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर मेडिकल कॉलेज पहुंचे पति ने अपने ही पिता पर प्रसूता को जहरीना पदार्थ देकर हत्या का आरोप लगाया हैं। पुलिस ने आरोप के चलते प्रसूता का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
मुजरिया थानाक्षेत्र के गांव खिरवारे निवासी पिकअप चालक दुर्वेश ने बताया कि वह चार साल पहले संभल के गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव कुहेरा निवासी फुफेरी बहन के यहां रहता था। वहां की रहने वाली उर्मिला से उसका प्रेम प्रसंग हो गया। उस समय उर्मिला नाबालिग थी। दुर्वेश ने उर्मिला से कोर्ट मैरिज की थी। इसके चलते उर्मिला के पिता ने दुर्वेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को पकड़ने के बाद उर्मिला को लखनऊ के बालिका सुधार गृह भेज दिया था।
दुर्वेश को जेल जाना पड़ा था। करीब नौ माह बाद कोर्ट के आदेश पर उर्मिला को दुर्वेश को सुपुर्द कर दिया गया था। इसके बाद दोनों एक साथ रहने लगे थे। दुर्वेश ने बताया कि उर्मिला गर्भवती थी। मंगलवार को उसके प्रसव पीड़ा हुई। इस दौरान उसका दुर्वेश घर पर नहीं था। उर्मिला के ससुर सूरजपाल व परिजनों ने उसे बिल्सी कस्बे में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराए। यहां प्रसव के दौरान उर्मिला ने बेटे को जन्म दिया।
इसी बीच अधिक रक्तस्राव होने से उसकी हालत बिगड़ गई। प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन गंभीर हालत देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज ले आए।
यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने दुर्वेश को मौत की सूचना दी। दुर्वेश मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो अपने पिता सूरज पाल और परिजनों पर ही जहरीला पदार्थ देकर हत्या करने का आरोप लगा दिया।
दुर्वेश का कहना है कि पिता शादी से खुश नहीं थे। सूरजपाल ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने प्रसूता के शव को पोस्टमॉर्टम को भेजा है।