बदायूं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद नामांकन के दौरान शनिवार को बनाए वीडियो रविवार को वायरल होने से जिले में राजनैतिक भूचाल की स्थिति है। इससे भाजपा कार्यकर्ता कुछ मायूस हैं। उनका दर्द सोशल मीडिया पर छलक रहा है। दूसरी ओर सपा कार्यकर्ता उनको ट्रोल करते हुए लिख रहे हैं कि यह समाजवादियों का जिला है। कलक्ट्रेट गेट पर भाजपा सांसदों, राज्यमंत्री और विधायकों के साथ पुलिस-प्रशासन की धक्कामुक्की और सपाइयों को बिना किसी रोक टोक अंदर प्रवेश का यह वीडियो चर्चा का विषय बना है।
दरअसल, शनिवार को भाजपा प्रत्याशी वर्षा यादव और सपा प्रत्याशी सुनीता शाक्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कराया था। भाजपा प्रत्याशी के साथ नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता, राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा, लोकसभा सांसद संघमित्रा मौर्य, विधायक धर्मेंद्र शाक्य, जिलाध्यक्ष अशोक भारती, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव, भाजपा पिछड़ा मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष हरीश शाक्य समेत तमाम नेता नामांकन कराने पहुंचे थे। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने इनको कलक्ट्रेट में घुसने ही नहीं दिया। राज्यमंत्री समेत सांसदों और विधायकों तक से धक्कामुक्की की। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मेन गेट पर प्रस्तावकों को रोके जाने को लेकर सबसे पहले पूनम यादव की पुलिस कर्मियों से कहासुनी होती है। वह कह रही हैं कि हम रूल तोड़ने वालों में से नहीं हैं। वह पुलिस कर्मियों को हटाते हुए अंदर चली जाती हैं।
कुछ ही सेकेंड में गेट पर सांसद बीएल वर्मा, संघमित्रा मौर्य, राज्यमंत्री महेश गुप्ता आ जाते हैं। इनको भी रोक दिया जाता है। तभी भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक भारती गेट पर आते हैं और बड़ी शालीनता के साथ पुलिस कर्मियों से कहते हैं भाईसाहब इनको गेट के अंदर ले लो, ये भीतर तक नहीं जाएंगे।
किसी तरह बीएल वर्मा और सांसद संघमित्रा मौर्य अंदर आते हैं। इनके पीछे राज्यमंत्री महेश गुप्ता आते हैं तो एक पुलिस कर्मी उन्हें भी रोकने की कोशिश करता है। भाजपा नेताओं को रोकने के वक्त वीडियो में हरीश शाक्य की आवाज सुनाई दे रही है। वह कह रहे हैं कि तुम लोगों ने तो हद कर दी है, यह तरीका ठीक नहीं है।
दूसरी ओर कुछ ही देर बाद जुलूस के रूप में सपाई सुनीता शाक्य का नामांकन कराने जाते हैं। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, विधायक ओमकार सिंह, पूर्व विधायक आशीष यादव, आशुतोष मौर्य, मुस्लिम खां, सिनोद शाक्य आदि को गेट पर रोकने की पुलिस-प्रशासन हिम्मत नहीं जुटा पाता। गेट खुला मिलता है। यह सभी अंदर प्रवेश कर जाते हैं। यह वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसके बाद कलक्ट्रेट के खुले गेट से नारेबाजी करते सपा वाले बाहर निकल जाते हैं।
भाजपा के नेता व कार्यकर्ता अनुशासन का पालन करते हैं। नामांकन के दौरान सपाइयों ने न सिर्फ अनुशासन तोड़ा है बल्कि कोरोना प्रोटोकाल और धारा 144 का भी उल्लंघन किया है। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव कलक्ट्रेट में नामांकन कक्ष तक चले गए जो गलत है। नियमों का उल्लंघन और प्रोटोकाल तोड़ने के संबंध में उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है। - अशोक भारती, भाजपा जिलाध्यक्ष
भाजपा के लोग परेशान और घबराए हुए हैं। उनके पास सदस्यों का समर्थन नहीं है। नामांकन के दौरान जो मानक तय थे सपा की ओर से उतने लोग ही अंदर गए। सपाई अनुशासन का पालन करते हैं। नामांकन के दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जा रही थी। अगर कहीं कोई नियम तोड़ा गया होता तो उसी वक्त पुलिस-प्रशासन संज्ञान ले सकता था। भाजपाई संभावित हार और सपा के बढ़ते जनाधार से घबरा गए हैं और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाकर चुनाव जीतना चाहते हैं। - प्रेमपाल सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष
कलक्ट्रेट में नामांकन के दौरान किसी तरह के विवाद या नियम तोड़ने की बात सामने नहीं आई है। पुलिस ने भी किसी से अभद्रता नहीं की है। भाजपा नेताओं की ओर से अभी ऐसी कोई शिकायत भी नहीं की गई है। शिकायत आएगी तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - संकल्प शर्मा, एसएसपी