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इस्लामनगर में ब्लॉक प्रमुख पद पर इस बार भी घमासान ही संभावना

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इस्लामनगर। ब्लॉक प्रमुख पद के लिए इस्लामनगर में इस बार भी घमासान के हालात बन रहे हैं। अब तक यहां भाजपा से तीन क्षेत्र पंचायत सदस्य ब्लॉक प्रमुख पद के लिए दावेदारी कर चुके हैं। इनमें एक बाहुबली डीपी यादव का रिश्तेदार भी है। सपा की ओर से भी दो नाम आगे आ रहे हैं। हालांकि, दोनों पार्टियों की ओर से अभी अधिकृत घोषणा नहीं की गई है।
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इस्लामनगर में ब्लॉक प्रमुख पद को लंबे समय से घमासान होता आया है। पहली बार यहां बड़ा घमासान 2010 में हुआ था। उस वक्त तत्कालीन बसपा विधायक बाहुबली डीपी यादव के करीबी सुरेश यादव ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे। सुरेश यादव के खिलाफ पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रीपाल सिंह ने महेंद्र यादव को चुनाव लड़ाया था। 2015 में सपा सरकार के दौरान यहां दिनेश यादव ब्लॉक प्रमुख बने थे। गौर करने वाली बात यह है जिले के 15 ब्लॉक में सिर्फ तीन ब्लॉक में चुनाव हुआ था। उस वक्त बाकी ब्लॉक में निर्विरोध सपा के ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे। जहां चुनाव हुआ था वहां इस्लामनगर ब्लॉक भी शामिल था। इस दौरान यहां खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। उस वक्त जिले में इस्लामनगर ब्लॉक प्रमुख का चुनाव काफी चर्चित रहा था। दिनेश यादव के खिलाफ श्रीपाल सिंह की पत्नी मनोरमा सिंह ने चुनाव लड़ा था।
उस वक्त एक राज्यमंत्री ने इस्लामनगर ब्लॉक प्रमुख चुनाव को अपनी नाम का सवाल मानते हुए दिनेश यादव को प्रमुख बनाने के लिए पूरा जोर लगा दिया था। प्रदेश में 2015 में भाजपा सरकार आने के बाद दिनेश यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और इस बार श्रीपाल सिंह अपने भतीजे की पत्नी अनुपमा सिंह को ब्लॉक प्रमुख बनवाने में कामयाब हो गए। श्रीपाल सिंह के परिवार का लंबे समय तक ब्लॉक प्रमुख पद पर कब्जा रहा है। उन्होंने अपने नौकर को भी एक बार ब्लॉक प्रमुख बनवा दिया था। अब श्रीपाल सिंह का निधन हो चुका है।
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भाजपा मंडल अध्यक्ष संजीव पहलवान का कहना है कि भाजपा से अब तक तीन लोगों ने आवेदन किया है। पार्टी जिस नाम पर मोहर लगाती है उसी को सभी लोग मिलकर चुनाव लड़ाएंगे।
प्रमुखी को लेकर असंतोष सामने आने की संभावना
इस्लामनगर में ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर असंतोष भी सामने आने की बात कही जा रही है। दरअसल बाहुबली डीपी यादव के भतीजे गजेंद्र यादव निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए हैं। वह भी भाजपा से प्रमुख पद के दावेदार हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख सियाराम के बेटे प्रसादी ने भी भाजपा से आवेदन किया है।
ब्लॉक प्रमुख सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर सियाराम को श्रीपाल सिंह ने ही ब्लॉक प्रमुख बनवाया था। सियाराम उस वक्त श्रीपाल के यहां नौकरी करते थे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक अग्रवाल ने भी दावेदारी की है। वह पूर्व विधायक कुन्नू बाबू के साढू हैं। भाजपा से दो अन्य नाम भी सामने आ रहे हैं। इधर, सपा से पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेश यादव के पुत्र वीरेश यादव को दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है।
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