बदायूं। जागरूकता के तमाम प्रयासों के बाद भी आधी आबादी की लोकतंत्र में भागीदारी न बढ़ना चौंकाने वाली बात है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव की इस चुनाव से तुलना की जाए तो महिलाओं के मत प्रतिशत में इन पांच साल में एक फीसदी भी इजाफा नहीं हुआ है। 2017 में 45.94 तो इस बार सिर्फ 46.20 फीसदी ने ही मतदान किया। पांच साल में महिलाओं के मत प्रतिशत में सिर्फ 00.74 फीसदी का ही इजाफा हुआ है।
विधानसभा चुनाव 2017 की बात करें तो इस चुनाव में जिले में 45.94 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया था। इस बार 46.20 फीसदी ही महिलाओं ने मतदान किया। 2017 के चुनाव के समय जिले में कुल 2238037 मतदाता थे। इनमें 721929 पुरुष और 613663 महिलाओं ने मतदान किया था। जिले में कुल 59.43 फीसदी मतदान हुआ था। महिलाओं की भागीदारी 45.94 फीसदी ही रही। इस बार कुल 2387300 में से 1405147 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें 649243 महिलाओं ने मतदान किया। इस बार 14 फरवरी को हुए मतदान में जिले का प्रतिशत 58.86 फीसदी रहा। कुल हुए मतदान में महिलाओं की भागीदारी करीब 46.20 फीसदी ही रही।
गौर करने वाली बात यह है कि इस बार पिछले चुनाव मैदान में महिला प्रत्याशियों की संख्या ज्यादा थी। कांग्रेस ने शहर के साथ बिसौली और शेखूपुर सीट पर महिला प्रत्याशी उतारीं तो बसपा ने बिल्सी सीट पर महिला को प्रत्याशी बनाया। इसके बाद भी लोकतंत्र के महायज्ञ में महिलाओं की भागीदारी में जो इजाफा होना चाहिए था, वह नहीं हुआ।
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पंचायत चुनाव में रही महिलाओं की ज्यादा भागीदारी
बदायूं। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भले महिला मतदाता मतदान को लेकर बेरुखी दिखती हो लेकिन पंचायत चुनाव में उनकी अच्छी भागीदारी रहती है। इस वर्ष अप्रैल में हुए पंचायत चुनाव में महिलाओं का मत प्रतिशत करीब 54 फीसदी रहा। ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य पदों पर पर काबिज होने वाली महिलाओं की संख्या भी ज्यादा रही। जिले में 15 ब्लॉक में से नौ ब्लॉक में प्रमुख भी महिलाएं चुनी गईं। इसके बावजूद विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं की मतदान को लेकर बेरुखी साफ दिखी। संवाद