बाजार में मोर पंख बेचने वालों के नाम पते नोट करती पुलिस। स्रोत पशुप्रेमी
बदायूं। पशु प्रेमी के ट्वीट करने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। उसने थाना पुलिस को साथ लेकर बाजार में मोर पंख बेचने वाले दुकानदारों के नाम-पते नोट किए हैं। अब पुलिस व वन विभाग की टीम इसकी जांच करेगी कि आखिर दुकानदार मोरपंख कहां से ला रहे हैं।
पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने एक्स पर ट्वीट करके कहा था कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत वन्य जीवों को मारने, पालने, खेल दिखाने या फिर उनसे बनी किसी भी चीज की बिक्री पर रोक है। प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति वन्य जीव के साथ ऐसा करता है तो अधिनियम में उसे कम से कम पच्चीस हजार और अधिकतम एक लाख तक का जुर्माना या फिर कम से कम तीन वर्ष और अधिकतम सात वर्ष का कारावास की सजा दी जा सकती है।
भारत का राष्ट्रीय पक्षी कहे जाने वाले मोर के पंखों की बिक्री वन विभाग और प्रशासन की आंखों के सामने धड़ल्ले से हो रही है, जिस पर कोई रोक नहीं है, जबकि मोर पंखों के व्यापार की वजह से हर साल हजारों मोरों की जान जाती है। इसके बाद वन विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ शहर के मुख्य बाजार में मोरपंख बेचने वालों के नाम-पते नोट किए।