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Budaun News: पुलिस ने अनशनकारियों को हाईवे से पहले रोका, वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित

Tue, 30 Sep 2025 09:11 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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उझानी में तहसीलदार को जानकारी देते कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष। संवाद
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उझानी। नगर पालिका के नाले का पानी नरऊ के तालाब में डाले जाने का विरोध करते हुए ग्रामीण ने सोमवार को बरेली- मथुरा हाईवे पर जाकर प्रदर्शन किया। इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें रोक लिया। तहसीलदार से वार्ता के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया।
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सोमवार को गांव नरऊ, मीहलाल नगला, मलिकपुर और अचौरा के ग्रामीण कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री कुमुद गंगवार और पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह के नेतृत्व में बरेली- मथुरा हाईवे पर छतुइया रेल फाटक की ओर रुख किया। आंदोलनकारी नरऊ से चलकर भूड़ा- भदरौल रोड तक पहुंच पाए कि पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। करीब एक घंटे तक उन्हें रास्ते में ही रोके रखा गया। इसके बाद तहसीलदार दीपक कुमार और ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी भी मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार ने आंदोलनकारियों से कहा कि नाला भैंसोर नदी तक पहुंचाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके बाद नरऊ तालाब तक नाले का पानी नहीं पहुंचेगा। इससे जुड़े प्रपत्र भी आंदोलनकारियों को दिखाए गए। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष और एडीएम प्रशासन अरुण कुमार के बीच फोन पर भी बातचीत हुई। तीन घंटे तक पसोपेश के बीच कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ने क्रमिक अनशन स्थगित कर दिया। इस मौके पर रामरतन पटेल, सुरेश राठौर, गौरव सिंह, इगलास हुसैन, मुन्नालाल सागर, कमल प्रताप, मुनेंद्र कनौजिया, राजाराम, हरीबाबू,रामसिंह और वीरेंद्र आदि मौजूद थे।


बच्चे तो कभी महिलाओं... ग्रामीणों ने भी संभाला मोर्चा
नरऊ गांव के तालाब के पानी से दिक्कत को लेकर 100 दिन पहले शुरू क्रमिक अनशन में आसपास के ग्रामीण भी जुड़े। नरऊ के राजाराम ने बताया कि कांग्रेस के नेताओं ने अनशनकारियों का प्रत्येक दिन साथ दिया। उन्हीं की मौजूदगी में किसी दिन बालिकाओं ने क्रमिक अनशन स्थल पर उपवास रखा तो कभी महिलाओं ने मोर्चा संभाले रखा। जब भी ग्रामीणों को कहीं बाहर जाना होता, उनके परिवार की महिलाएं बैठ जातीं। क्रमिक अनशन के दौरान ही जनहित याचिका के जरिये मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया। दो बार सुनवाई भी हो चुकी है। समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में जल निगम को एसटीपी प्लांट स्थापित करके उझानी के नाले का पानी भैंसोर नदी तक पहुंचाना है।
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