शादियों के सीजन में बदायूं जनपद से अजब मामला सामने आया है। उझानी क्षेत्र के गांव ललुइया नगला बृहस्पतिवार को चार शादियों का साक्षी बना। तीन लोगों की बेटियों के वैवाहिक कार्यक्रम उनके होने वाले पतियों के घरों पर हुए तो एक व्यक्ति के बेटे की बरात में भी कई ग्रामीण गए। चारों शादी समारोह में गांव के 80 फीसदी लोग चले गए। ऐसे में सूने पड़े ग्रामीणों के घरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस को उठानी पड़ी।
कोतवाली क्षेत्र के गांव ललुइया नगला में शादियों को लेकर पुलिस को बराती नहीं, बल्कि पहरेदार की भूमिका निभानी है। कुछ इसी तरह का पत्र प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह के पास दो दिन पहले आया। पत्र सौंपते समय सुखलाल ने गांव में एक ही दिन में तीन शादियों का भी जिक्र किया था। तीन व्यक्तियों की बेटियों की शादी बृहस्पतिवार रात ही अलीगढ़ और बरेली या फिर उनके बताए बरातघरों में हुई। जबकि, ललुइया नगला के ही एक व्यक्ति के बेटे का वैवाहिक कार्यक्रम बिल्सी क्षेत्र में संपन्न हुआ।
गांव के 80 फीसदी लोग शादी समारोह में गए
चारों शादियों में शरीक होने के लिए गांव से करीब 80 फीसदी लोग गए। अधिकतर घरों में ताले लटका दिए गए। किसी के घर को घटना नहीं हो जाए, सो शाम को एक दरोगा के साथ तीन पुलिसकर्मियों ने पहरेदारी का जिम्मा संभाल लिया। रातभर पुलिस ने ग्रामीणों के सूने घरों की रखवाली की है। महज घरों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की इस तरह से पहरेदारी का मामला पहली बार हुआ है।
थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ललुइया नगला निवासी एक व्यक्ति ने एक ही दिन में चार शादियों के कार्यक्रम के सिलसिले में अधिकतर लोगों के बाहर जाने के बारे में बताया था। उसने पुलिस की मौजूदगी का अनुरोध किया था, इसलिए रात में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई।