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बदायूं में फर्जी सिपाही गिरफ्तार: खाकी वर्दी पहन लोगों पर गांठता था रौब, पुलिस ने पकड़ा तो खुल गई पोल

Sat, 02 Mar 2024 05:08 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं में पुलिस ने शनिवार को फर्जी सिपाही को गिरफ्तार किया। बागपत जिले का मूल निवासी युवक डेढ़ साल से यहां रह रहा था। वह खाकी वर्दी पहनकर लोगों पर रौब गांठता था। 
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आरोपी युवक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह सरदार पटेल चौराहे पर लोगों पर रौब गांठते एक फर्जी सिपाही पकड़ा गया। उसके पास से फर्जी पहचान पत्र, पुलिस की वर्दी, एक कार और अन्य सामान बरामद हुआ है। वह अपनी कार खड़ी कर वर्दी में सरदार पटेल चौराहे पर लोगों को हड़का रहा था। सूचना पर पहुंचे सिविल लाइन इंस्पेक्टर ने थाने लाकर उससे पूछताछ की तो उसने सच कबूल कर लिया। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

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पूछताछ में उसने अपना नाम हरीश गिरि पुत्र राजेश गिरि बताया। वह मूलरूप से बागपत जिले के थाना सिंघावली क्षेत्र के गांव रामनगर का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, हरीश पिछले डेढ़ साल से बदायूं में रह रहा था। उसने बिल्सी निवासी एक विधवा महिला से शादी की है। उसकी पत्नी एक जूनियर हाईस्कूल में सरकारी अध्यापक है।

शहर के एक मोहल्ले में पक्का मकान भी है। बताते हैं कि आरोपी हरीश अपने आप को सिविल डिफेंस का कर्मचारी बताता था और कहता था कि उसकी तैनाती दिल्ली में है। वह अक्सर शहर में वर्दी पहनकर घूमता था। उसके पास से कई सिपाहियों और दरोगा के साथ फोटो भी मिले हैं। कुछ फोटो कोतवाली और पुलिस चौकियों में खड़े होकर खींचे गए थे। थाना पुलिस ने सभी फोटोग्राफ्स साक्ष्य के तौर पर न्यायालय में पेश किए हैं।
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सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब नौ बजे सरदार पटेल चौराहे के नजदीक प्रिंस ढाबा से कुछ दूर खड़े होकर आरोपी हरीश गिरि लोगों पर पुलिस की वर्दी में रौब गांठ रहा था। लोगों से कह रहा था कि वह पुलिस विभाग में है। उनके खिलाफ कार्रवाई कर देगा। उन्हें जेल भिजवा देगा। जब बिना किसी बात पर सिपाही लोगों को हड़का रहा था तो उन्होंने तुरंत थाना पुलिस को सूचना दी।

इंस्पेक्टर गौरव विश्नोई पुलिस टीम लेकर पहुंच गए। आरोपी को थाने लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि वह सिपाही नहीं है। उसके पास से वर्दी, वेल्ट, कैप (ताज लगी), पुलिस का बैच, डोरी-सीटी, जूते, खाकी मोजे, पहचान पत्र, मोबाइल और एक कार बरामद हुई है। उस पर एफआईआर दर्जकर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इस दौरान उनके परिवार वाले भी थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपी हरीश को बेकसूर बताया।

बागपत के सिपाहियों से थी आरोपी की दोस्ती
बदायूं जिले में बागपत निवासी कई सिपाही और दरोगा तैनात हैं। उनमें अधिकतर पुलिस कर्मियों से आरोपी हरीश की दोस्ती थी। वह अक्सर उनके साथ देखा जाता था। कभी-कभी वह वर्दी पहनकर कोतवाली और पुलिस चौकियों पर पहुंच जाता था। हैरानी की बात यह है कि कभी पुलिस कर्मियों को भी पता नहीं चला कि वह पुलिस कर्मी नहीं है। बताते हैं कि उसे हर सिपाही, दरोगा और इंस्पेक्टर की जानकारी है। अगर किसी से पुलिस के विषय पर बात होती थी तो वह सबके नाम भी बताता था। इससे लोगों को अहसास हो जाता था कि वह सिपाही है और कहीं न कहीं तैनात है।
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आरोपी के झूठ पर परिवार वालों को भी यकीन नहीं
आरोपी हरीश को जेल भेजे जाने के दौरान उसकी पत्नी, दो बेटियां और मां भी सिविल लाइन थाने में मौजूद थीं। वह उल्टे पुलिस कर्मियों पर आरोप लगा रहीं थीं कि हरीश को फर्जी आरोप में पकड़ा गया है। उनका कहना था कि हरीश सिविल डिफेंस में काम करता है। उसकी पोस्टिंग दिल्ली में है। थाना पुलिस ने झूठा आरोप लगाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की है। उन्हें यकीन ही नहीं है कि हरीश उनके साथ झूठ बोल सकता है।
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