बदायूं। जिले में भूजल के तेजी से गिरते स्तर पर नियंत्रण और सटीक आंकड़े जुटाने के लिए अब पीजो मीटर लगाए जाएंगे। भूजल विभाग ने जिले के चार ब्लॉकों में एक-एक पीजो मीटर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इन यंत्रों के माध्यम से हर महीने भूमिगत जलस्तर का वैज्ञानिक आंकलन किया जा सकेगा। इन पर 12 लाख रुपये खर्च आएगा।
अब तक विभाग जल स्तर मापने के लिए पुराने कुओं या हैंडपंपों का उपयोग करता था। अधिकांश कुएं सूख जाने या अनुपयोगी होने के कारण जलस्तर की सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इस समस्या को देखते हुए सरकार ने हर ब्लॉक स्तर पर पीजो मीटर लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इन उपकरणों से न केवल जलस्तर मापा जा सकेगा, बल्कि जल संरक्षण की दिशा में योजनाएं भी प्रभावी रूप से बनाई जा सकेंगी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न ब्लॉकों में भूजल की स्थिति अलग-अलग होती है। इसलिए अब ब्लॉक स्तर पर माप करने से क्षेत्रवार सही डेटा मिल सकेगा। पीजो मीटर के जरिए हर महीने जलस्तर की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट राज्य भूजल निदेशालय को भेजी जाएगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन इलाकों में पानी का स्तर लगातार घट रहा है और कहां सुधार हो रहा है।
डॉर्क जोन में है यह ब्लॉक
जिले में अंबियापुर, बिसौली, इस्लामनगर और आसफपुर ब्लॉक डार्क जोन में शामिल है। ऐसे में यहां पर भूगर्भ जल की स्थिति बेहतर नहीं है। इसको ध्यान में रखते हुए यहां पर पीजो मीटर लगाया जाएगा, ताकि यहां पर हर माह सही स्थिति का आंकलन लगाया जा सके। इसके बाद में इन ब्लॉकों में प्लान बनाकर पानी की बजट कराई जा सके।
जिले में चार ब्लॉकों का चयन किया गया है। जहां पर पीजो मीटर लगाए जाने हैं। इनके लग जाने से वहां पर पानी की स्थिति का सही आंकलन हो सकेगा। एक से दो माह के अंदर इनको लगा दिया जाएगा। - सौरभ शाह, सीनियर हाइड्रोजियोलॉजिस्ट भूगर्भ जल विभाग, बरेली
क्या है पीजोमीटर
पीजोमीटर जमीन के नीचे पानी के दबाव को मापने के लिए इस्तेमाल होता है। इससे भूजल स्तर का सटीक पता लगाया जा सकता है। पीजोमीटर एक धातु की नली होती है, जिसमें एक सेंसर लगा होता है। यह सेंसर जमीन के अंदर पानी के दबाव में होने वाले बदलावों को मापता है। इस दबाव की रीडिंग से भूजल स्तर का पता चलता है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि भूजल का स्तर घट रहा है या बढ़ रहा है।