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Budaun News: स्लीपर बस की टक्कर से पिकअप चालक समेत गार्ड की मौत, दो युवक लहूलुहान

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पोस्टमार्टम हाउस पर दुर्गेश के इकलौते बेटे का संभालते परिजन। संवाद
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उझानी (बदायूं)। बरेली-मथुरा हाईवे पर कछला के पास सुबह करीब सात बजे जयपुर जा रही स्लीपर बस और पिकअप की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में चालक समेत पिकअप सवार गार्ड लहूलुहान हो गया। चालक को खिड़की तोड़कर बाहर निकाला गया। घायलों को लेकर पुलिस कर्मी राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचते उससे पहले ही पिकअप चालक और गार्ड की मौत हो गई। घायल दो अन्य गार्डों की हालत नाजुक है।
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मृतकों में पिकअप चालक की शिनाख्त राजस्थान के अलवर जिले में रुपारिया बरखेड़ा निवासी दिनेश कुमारी चौधरी (41 साल) पुत्र प्रभातीलाल के रूप में हुई है। वहीं गार्ड की पहचान उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव सांवतीनगला निवासी दुर्गेश यादव (40 साल) पुत्र हुकुम सिंह के रूप में हुई है। स्लीपर बस में करीब 50 यात्री सवार थे। उसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। बस चालक और परिचालक मौका पाकर भाग गए। बस के यात्रियों को पुलिस कर्मियों ने हाईवे से होकर निकले दूसरे वाहनों से गंतव्य की ओर भेज दिया। पुलिस को सबसे ज्यादा दिक्कत पिकअप चालक को बाहर निकालने में हुई। इसके लिए उन्हें खिड़की तोड़नी पड़ गई।
हादसे में घायल पिकअप सवार बरेली जिले में आंवला थाना क्षेत्र के गांव नंदगांव निवासी महेश (35 साल) पुत्र जगदीश और मऊ जिले में थाना मधुवन के गांव जवाहरपुरी निवासी नीबूलाल (38 साल) पुत्र अक्षयलाल को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत गंभीर है।
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मृतक पिकअप चालक और गार्ड समेत दोनों घायल एनएचएआई से जुड़े हैं। तीनों गार्ड निर्माणाधीन मथुरा-बरेली हाईवे पर रात में ड्यूटी किया करते थे। हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे एनएचएआई अधिकारियों में नवीन कुमार शर्मा ने पुलिस को बताया कि हादसा स्लीपर बस चालक की लापरवाही की वजह से हुआ है।
प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि हादसे की वजह को लेकर जांच की जा रही है। हादसे में क्षतिग्रस्त दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है। रिपोर्ट दर्ज कर बस चालक की तलाश की जा रही है।





धमाके से टूटी नींद तो खिड़कियों से कूद पड़े यात्री



- टक्कर में पिकअप के उड़े परखच्चे, चालक के पास बैठे थे सांवती नगला निवासी गार्ड



- स्लीपर बस और पिकअप में आमने-सामने हुई टक्कर का मामला



संवाद न्यूज एजेंसी



उझानी। बरेली-मथुरा हाईवे पर स्लीपर बस व पिकअप में हुई भिड़ंत इतनी भीषण थी कि धमाके की आवाज आसपास गांव के लोगों को भी सुनाई दी। धमाके की आवाज पर नींद से जागे बस सवार यात्री कुछ नहीं समझ पाए। किसी बड़े अनिष्ट की आशंका के मद्देनजर कुछ यात्री बस की खिड़की से नीचे कूद गए, हालांकि उन्हें कोई चोट नहीं आई। जब उन्हें पिकअप के परखच्चे उड़े नजर आए तो उन्हें घटना की जानकारी हुई।



दहेमू गांव के पास हाईवे पर जिस वक्त हादसा हुआ, तब स्लीपर बस में अधिकतर यात्री नींद में थे। यात्रियों में बदायूं के कबूलपुरा निवासी नईम ने बताया कि बस में वह मथुरा से सवार हुए थे। धमाके के साथ उनकी भी नींद टूट गई। देखा तो अफरातफरी के माहौल में कुछेक यात्री खिड़कियों के शीशे खोलकर कूदते नजर आए। यात्रियों में मचे कोहराम के बीच कई यात्री बदहवास दिखे। हादसे में स्लीपर बस का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।



वहीं पिकअप का अगला हिस्सा बुरी तरह चकनाचूर हो गया। पिकअप चालक दिनेश कुमार चौधरी तो सीट और स्टेयरिंग के बीच फंस गए। उन्हें पुलिस ने राहगीरों की मदद से खिड़की तोड़कर लहूलुहान हालत में बाहर निकाला।



दोनों वाहनों के बीच टक्कर के दौरान धमाके की आवाज पड़ोस के गांव दहेमू और फूलपुर के ग्रामीणों को भी सुनाई दी। दहेमू निवासी सत्येंद्र ने बताया कि आवाज सुनकर ऐसा लगा कि जैसे घर के पास ही धमाका हुआ हो। सत्येंद्र की तरह ही दहेमू और फूलपुर से कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने हालात पर गौर किया। कछला पुलिस चौकी इंचार्ज गौरव कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त दोनों वाहनों को क्रेन की मदद से हाईवे से हटवाया गया। पिकअप के बोनट के पुर्जे भी बटोरकर उसकी सीट पर रखवाने पड़े।








हादसे के बाद भारी वाहनों की आवाजाही हुई प्रभावित



बरेली-मथुरा हाईवे पर दहेमू के पास जिस स्थान पर हादसा हुआ, वह काफी संकरा है। सड़क चौड़ीकरण का काम चलने की वजह से वाहन भी तेज रफ्तार के साथ नहीं निकल पाते। हादसे के बाद दोनों वाहन को मौके पर से हटवाने में पुलिस कर्मियों को करीब एक घंटा लग गया। इस दौरान बाइक और कार सवार तो निकलते रहे, लेकिन ट्रक और बसों को रोकना पड़ा। जल्दी निकलने की कोशिश के दौरान कई बसें और ट्रक वितरोई मोड़ से मुजरिया के रास्ते बदायूं की ओर गए।










दुर्गेश की मौत से पांच बच्चों से सिर से उठा पिता का साया



एनएचएआई में गार्ड सांवती नगला निवासी दुर्गेश यादव की मौत से उनका पूरा परिवार सदमे में है। दुर्गेश की पांच संतान में तीन बेटियां सुमन, शीतल और दीक्षा तो बेटा इकलौता दीपक है। पांच भाइयों में सबसे छोटे दुर्गेश के बड़े भाई कलक्टर सिंह की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। दुर्गेश की मौत से उनके पांचों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। पिता की मौत के बाद से पत्नी मिथलेश बदहवास है।








स्लीपर बसों ने दो साल में बनाई एक्सीडेंट की हैट्रिक



पिछले साल बदायूं रोड पर गंगोरा मोड़ के पास ट्रक और बरेली और जयपुर के बीच चलने वाली स्लीपर बस की भिड़ंत में एक यात्री की जान चली गई थी। इससे पहले कछला रोड पर भी हादसा हुआ था। मंगलवार सुबह स्लीपर बस और पिकअप की टक्कर में दो लोगों को जान से हाथ धोना पड़ गया। इसी के साथ महज दो साल में हादसों की हैट्रिक हो चुकी है।








जांच में सही मिले बस के कागज



हादसे के बाद मौके पर जाकर जांच की है। इसमें बस और पिकअप के सभी कागजात सही मिले हैं। हादसे का कारण सड़क निर्माण के चलते रोड का संकरा होना ही माना जा रहा है। बस में हादसे के समय करीब 50 यात्री सवार थे, इनमें से किसी को चोट नहीं पहुंची है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। - हरिओम कुमार, एआरटीओ

पोस्टमार्टम हाउस पर दुर्गेश के इकलौते बेटे का संभालते परिजन। संवाद

पोस्टमार्टम हाउस पर दुर्गेश के इकलौते बेटे का संभालते परिजन। संवाद

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