बदायूं। जिस पेट्रोल पंप के मैनेजर से 13.50 लाख रुपये लूटे गए थे, उस पंप पर सफाई कर्मचारी से लेकर मैनेजर तक 28 कर्मचारी कार्य करते हैं। उनमें कोई प्रदूषण चेक करता है तो कोई कंप्यूटर चलाता है तो वहीं 17 कर्मचारी वाहनों में पेट्रोल भरते हैं। हालांकि अभी किसी पर शक की गुंजाइश नहीं है लेकिन कौन क्या कर सकता है, इसकी पुष्टि भी नहीं हो रही है।
मूलरूप से उझानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रोशन नगर निवासी नरेंद्र सिंह पुत्र स्व. लटूरी सिंह वर्तमान समय में नई बस्ती ब्राहमपुर मोहल्ले में रह रहे हैं। वैसे तो नरेंद्र वर्ष 1984 से अनेजा ग्रुप में कार्य कर रहे हैं लेकिन पांच साल से पेट्रोल पंप पर बतौर मैनेजर कार्य कर रहे हैं। शुरूआत में उन्होंने अनेजा ग्रुुप में शराब का काम देखा था लेकिन कुछ साल पहले यह कार्य बंद हो गया। पंप का जो भी रुपया बैंक में जमा होता था, वह नरेंद्र सिंह ही ले जाते थे। कभी-कभी अन्य कर्मचारी भी उनके साथ चले जाते थे। जिस दिन यह वारदात हुई, उस दिन नरेंद्र सिंह सुबह साढ़े सात बजे पंप पर पहुंच गए थे। उससे एक दिन पहले रविवार था, जिससे कैश भी ज्यादा था और उसका हिसाब किताब भी करना था। रविवार से लेकर सोमवार सुबह तक 13.50 लाख रुपये एकत्र हुए थे। हिसाब जोड़ने के बाद पंप मैनेजर रुपये जमा करने को सुबह करीब साढ़े नौ बजे निकले थे। पटियाली सराय पहुंचने में उन्हें 10 मिनट लगे थे कि तब तक बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और 13.50 लाख रुपये लूट लिए।
ये हैं कर्मचारी
-पंजाब पेट्रोल पंप पर एक मैनेजर, एक अकाउंटेंट, एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक ट्रक ड्राइवर, एक हेल्पर, एक प्रदूषण चेक करने वाला, एक वाहनों की सफाई करने वाला, एक हवा डालने वाला, एक माली, दो सफाई कर्मचारी, नौ दिन में पेट्रोल डालने वाले और आठ रात में पेट्रोल डालने वाले कर्मचारी हैं।
ऐसे थे नोट
- पंप मैनेजर से लूटे गए नोटों में 164 नोट दो हजार के थे, पांच सौ के 1314 नोट थे, दो सौ के 140 नोट, सौ के 2600 नोट थे, 50 के नौ सौ नोट थे, 20 के छह सौ नोट थे, जबकि दस के दो हजार नोट बैग में रखे थे।