दातागंज तिराहे के पास सावारियों को बैठाते टेंपो चालक। संवाद
- फोटो : सेमरपहा ग्राम पंचायत के कैथन का पुरवा गांव में बंद शवदाह स्थल।
सिलहरी। शहर से दातागंज रोड पर दिनभर में मात्र दो से तीन ही बसें संचालित हो रहीं हैं। दिन भर टेंपो और डग्गामार वाहनों के सहारे ही करीब पांच हजार लोग यात्रा करते आ रहे हैं। रोड में गड्ढे लोगों को हिचकोले दे रहे हैं। गड्ढों में फंसकर टेंपो पलट रहे हैं।
दातागंज रोडवेज बस स्टैंड को 2011 में अनुबंधित डिपो घोषित किया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने यहां बस स्टैंड के पुराने भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण कराया। इसके आधुनिकीकरण पर 1.75 करोड़ से ज्यादा बजट खर्च किया गया। यहां रैन बसेरा के साथ यात्रियों के मनोरंजन के लिए एलईडी, पंखा, कुर्सी और प्रकाश आदि की भी उचित व्यवस्था की गई। लेकिन इस समय सभी व्यवस्थाएं चौपट हैं। 2016 में दातागंज रोडवेज बस स्टैंड का लोकार्पण किया। इसके बावजूद अब तक यहां एक भी स्थायी कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई। बदायूं डिपो के बेड़े में 45 अनुबंधित बसें हैं। इनमें दातागंज रोड पर एक भी अनुबंधित मिनी बस नहीं चलाई जा रही है। लंबे समय से यहां के लोग बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर के लिए बस सेवा की मांग कर रहे हैं।
जान जोखिम में डालकर सफर करना मजबूरी
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद उम्मीद जगी थी लेकिन अब यह भी धूमिल हो गई है। ऐसे में दातागंज रोड पर डग्गामार वाहनों ने कब्जा कर रखा है। लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर तय करना पड़ रहा है। - हरवंश, किसरुआ
डबल डेकर बसें भी हो रहीं संचालित
रोडवेज बसें भले ही न चल रहीं हों लेकिन प्राइवेट डबल डेकर बसें हर रोज दातागंज से अन्य प्रदेशों तक संचालित हो रहीं हैं। इन बसों में सवारियां ठूंसकर भरी जा रहीं हैं। हर रोज संचालन होने के बाद भी इन पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में परिवहन निगम को हर महीने लाखों का नुकसान हो रहा है।- देवेश,डहरपुर
शाहजहांपुर जाने वाली रोडवेज बस दातागंज होकर जाती है। अभी तक अनुबंधित बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। इस पर विचार करके जल्द ही दातागंज के लिए अनुबंधित बसों का संचालन कराया जाएगा ताकि यात्रियों को रोडवेज बस की सुविधा मिल सके।
-राजेश पाठक, एआरएम