बेतरतीब पार्किंग ने शहर की सूरत को बिगाड़ दिया है। शहर में करीब एक दर्जन स्थानों पर चालकों ने मनमाने ढंग से टेंपो, टैक्सी और तांगा स्टैंड बना दिए गए हैं। इससे तमाम इलाकों में दिन भर जाम लगा रहता है। नगर पालिका का ध्यान सिर्फ वाहनों से शुल्क वसूली तक सीमित है। जनता की समस्याओं से पालिका का कोई सरोकार नहीं।
नगर में पार्किंग का जिम्मा नगर पालिका का होता है। इससे नगर पालिका को मोटा राजस्व भी मिलता है। शहर में वन विभाग रोड, गांधी ग्राउंड, जोगीपुरा, पुराना आंवला बस स्टैंड, मथुरिया चौक, गोपाल टाकील, इंदिरा चौक, वाटर वर्कस, पुलिस लाइंस चौराहा, जीआईसी रोड, लालपुल तिराहा आदि स्थानों पर नगर पालिका ने मनमाने ढंग से वाहनों के स्टैंड बना दिए हैं। इससे इन इलाकों में अक्सर जाम लगा रहता है। लोगों को परेशानियों का सामना भी करना होता है। अक्सर हादसे भी होते हैं। वाहनों से नगर पालिका को तहबाजारी के रूप में राजस्व भी मिलता है। इसके बावजूद नगर पालिका ने अब तक पार्किंग की कोई ठीक व्यवस्था नहीं की है।
शहर में चार पार्किंग हैं प्रस्तावित
बदायूं। शहर में चार स्थानों पर पार्किंग स्थल प्रस्तावित हैं। नगर पालिका बोर्ड इसे एक साल पहले मंजूरी भी दे चुका है। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। पुराना आंवला बस स्टैंड पर पार्किंग स्थल बनाने को लेकर विवाद चल रहा है। इस जमीन पर नगर पालिका के साथ ही वक्फ बोर्ड भी अपना दावा कर रहा है।
इन इलाकों में लगता है जाम
लावेला चौक, छह सड़का, गद्दी चौक, कचहरी तिराहा, जेल तिराहा, लालपुल तिराहा, जोगीपुरा, सुभाष चौक, टिकटगंज तिराहा, घंटा घर, अनाज मंडी, गोपी चौक आदि
वसूली तक सीमित है ट्रैफिक पुलिस
बदायूं। लोगों को जाम के झाम से मुक्ति मिल भी सकती है अगर ट्रैफिक पुलिस अपना काम सही ढंग से करे। ट्रैफिक पुलिस का काम वाहनों से वसूली तक सीमित है। पुलिस के संरक्षण में डग्गामार वाहन सवारियों को भर कर सड़कों पर फर्राटा भरते हैं। ट्रैफिक पुलिस के सिपाही सिर्फ उन इलाकों में ही नजर आते हैं जहां से डग्गामार वाहन गुजरते हैं।
ये बोले ईओ
अधिशासी अधिकारी ललतेश सक्सेना का कहना है कि शहर की तस्वीर सुधारने को लेकर नगर पालिका गंभीर है। पार्किंग स्थलों के निर्माण का काम जल्द शुरू हो जाएगा। तांगा, टैक्सी स्टैंड बनाने के लिए नए सिरे से भी जगह की तलाश कराई जाएगी।