जिले में 43800 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य, 20 हजार किसान करते हैं खेती
जिले में सरकारी धान खरीद केंद्र तो खुले रहे पर धान की आवक शुरू नहीं हो सकी है। जिले में अभी कुछ किसानों की धान की फसल तैयार नहीं हुई और कुछ किसानों ने अब काटना शुरू की है। ऐसे में किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के बाद धान को सरकारी केंद्र पर ले जाया जाएगा। वहीं खरीद अधिकारियों का कहना है कि धान की खरीद के लिए केंद्र सोमवार से ही खोल दिए गए हैं।
जिले में करीब 20 हजार किसान धान की फसल करते हैं। इस बार धान की फसल का रकबा 70 हजार हेक्टेयर है। इसके लिए शासन की ओर से 43800 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया और 28 खरीद केंद्र बनाए गए। मंगलवार को पूरे जिले में धान खरीद केंद्र खुले रहे, लेकिन धान की आवक शुरू नहीं हो पाई। लिलवां के सत्यवीर सिंह यादव का कहना है कि धान अभी पका ही नहीं है जब पकेगा तब बेचा जाएगा। वहीं बरातेगदार के कौशल पटेल का कहना है कि धान की अब कटाई शुरू हुई है। इसके बाद सूखेगा उसके बाद बेचने के लिए ले जाया जाएगा।
उझानी। वितरोई में लगे धान खरीद केंद्र पर अभी तक धान की आवक शुरू नहीं हुई है। पीसीएफ के सेंटर इंचार्ज सुधीर कुमर चौहान ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप खरीद के लिए केंद्र पर बारदाना समेत सभी सामान पहुंच चुका है। किसानों के नहीं पहुंचने से सेंटर इंचार्ज समेत कर्मचारी और लेबर भी खाली बैठे रहने को मजबूर हैं। बता दें कि इस बार धान की फसल को पकने में कुछ और दिन लगेंगे। तब तक सेंटरों पर आवक भी नहीं होगी। खासकर बरसात की वजह से धान के पिछेती पकने की संभावना व्यक्त की जाने लगी है।
सिलहरी। भगवती पुर केंद्र संचालक जगतपाल ने बताया कि अभी धान की आवक शुरू नहीं की गई है। धान आएगा तो तुरंत सरकारी मूल्य पर धान की खरीद कर किसानों का भुगतान एनईएफटी के माध्यम से कर दिया जाएगा। इसके अलावा उसावां, म्याऊ में भी केंद्र खुले रहे।
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वर्जन...
पूरे जनपद में धान खरीद केंद्र खुले रहे। जगह-जगह जाकर केंद्रों का हाल जाना तो पता लगा कि धान की आवक शुरू नहीं हुई है। किसानों ने बताया कि धान अभी तीन-चार दिन तक आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि फसल अभी पूरी तरह पक नहीं पाई है।
-हरवेंद्र कुमार, डिप्टी आरएमओ