उझानी। अधिकतर मोहल्लों में बाहरी छोर पर बनी कालोनियों की क्षतिग्रस्त सड़कों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ओवरलोड ट्रैक्टर- ट्रॉलियों से पहले नालियां ढहीं, फिर पानी भर जाने से इंटरलॉकिंग सडकें धंस गईं हैं।
सबसे ज्यादा दिक्कत श्रीनारायणगंज के मिल कंपाउंड, बहादुरगंज, अहीरटोला और गौतमपुरी मोहल्ले की नई बस्ती में है। पिछले पांच- छह साल के दौरान अधिकतर कालोनियों में इंटरलॉकिंग और सीसी सड़कों के निर्माण के साथ दोनों ओर नालियों का निर्माण कराया गया था। पास में कुछ खाली प्लॉट जरूर थे, लेकिन अधिकतर मकान बन चुके थे। नई बस्तियों और कालोनियों के लोगों की मानें तो पिछले एक- डेढ़ साल में ओवरलोड ट्रैक्टर- ट्रॉलियों की आवाजाही बढ़ी तो नालियों के ढह जाने के बाद सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
नालियों के पानी से सड़कों के नीचे मिट्टी बह जाने के बाद वह खोखली होने लगी हैं। मिल कंपाउंड निवासी रीना समेत महिलाओं ने बताया कि सड़कें धंसने के बाद नालियां ढह जाने से पानी का निकास भी प्रभावित हो रहा है। खाली प्लॉटों में नालियां का पानी भर जाने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। मच्छरजनित बीमारियां फैलने लगी हैं। आने दिनों में मानसून के साथ बारिश शुरू हुई तो कालोनियों के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पिछले साल भी नई बस्ती और कालोनियों के वाशिंदों को काफी परेशानी हुई थी।
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नई सड़कों का चार करोड़ मिले, मरम्मत पर संशय
- उझानी कस्बे में नई सड़कों का निर्माण कार्य कराने के लिए नगर पालिका परिषद को बुनियादी अनुदान के रूप में पिछले महीना चार करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इस धनराशि से नई सड़कों का निर्माण सभी मोहल्लों में होना है। जल निकासी व्यवस्था पर भी सरकार का फोकस है। इसके बाद भी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को लेकर संशय बना हुआ है।
ऊपर आया सरिया का जाल
फोटो- 11
- उझानी में रेलवे स्टेशन के नजदीक पंखा रोड मोड़ पर रेलवे की सड़क है। करीब पांच साल पहले रेलवे ने अढ़ौली फाटक तक सड़क का कायाकल्प कराया था। निर्माण कार्य के दौरान नीचे सरिया का जाल भी डाला गया था। पिछले साल पहले सड़क गड्ढों में तब्दील हुई, फिर कुछ दिनों के बाद सीमेंट-बजरी लापता हुई तो सरिया का जाल ऊपर आ गया। जबकि इस रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही भी है। सबसे ज्यादा दिक्कत बाइक सवार राहगीरों को होती है।
- नई बस्तियों और कालोनियों में सड़कें तभी टूटती हैं, जब उनके आसपास खाली प्लॉट पड़े हों। या फिर इंटरलॉकिंग सड़कों पर होकर ओवरलोड वाहन निकलें। सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाने के बारे में किसी ने पालिका कार्यालय आकर शिकायत नहीं की है। वह हकीकत का पता लगाकर क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराएंगे।- अब्दुल शबूर, ईओ
उझानी मिल कंपाउंड में नाली ढहने से क्षतिग्रस्त सड़क। संवाद- फोटो : संवाद