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Budaun News: नाले का पानी फिर नरऊ तालाब तक पहुंचाने का विरोध शुरू

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उझानी। नगर पालिका के नाले का पानी नरऊ के तालाब तक पहुंचाने की कोशिश शुरू होने पर ग्रामीण फिर भड़क गए। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय स्थित आंबेडकर पार्क परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया। उन्होंने नरऊ निवासी ग्रामीणों को एक बार फिर संकट में डाले जाने का आरोप लगाते हुए एडीएम प्रशासन को ज्ञापन भी दिया।
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आंबेडकर पार्क में धरना सोमवार पूर्वाह्न शुरू हुआ। ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि नरऊ के तालाब में नाले का पानी गिरने से गांव के हैंडपंपों का पानी भी दूषित हो गया है। जल निगम के अधिकारी जांच के दौरान इसकी पुष्टि कर चुके हैं। इसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने अगस्त से दिसंबर तक 103 दिन नरऊ गांव में धरना दिया था।
इसके बाद ही नाले के पानी का प्रवाह रोका गया था। अब एक बार फिर बाइपास के नीचे पाइप डालकर नाले के पानी का प्रवाह नरऊ तालाब में करने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने इसे लेकर उच्च न्यायालय के आदेश का भी हवाला दिया।
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धरना स्थल पर नारेबाजी के साथ अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर की भूमिका पर भी सवाल उठाया गया। कहा कि अधिकारियों ने नरऊ तालाब तक नाले का पानी पहुंचाने की कोशिश की तो आंदोलन किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन की जानकारी के बाद एडीएम प्रशासन अरुण कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सिंह समेत ग्रामीणों से वार्ता की। वार्ता के बाद उन्हें ज्ञापन भी दिया गया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य जितेंद्र कश्यप, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुन्नालाल सागर, सुरेश सिंह राठौर, रजनी सिंह, सुनीता सिंह, गौरव सिंह राठौर, कमल प्रताप सिंह, छोटेलाल, नेपाल सिंह सोलंकी, राजाराम जाटव, भगवान दास आदि मौजूद रहे।



एसटीपी शुरू न होने से नरऊ, मीहलाल नगला, मलिक निवासी ग्रामीण परेशान
नरऊ तालाब से पहले नाले का पानी रोककर उसे भैंसोर नदी में छोडे जाने के लिए जल निगम की ओर से एसटीपी का निर्माण कराने की कवायद की गई थी। प्लांट पिछले साल स्वीकृत भी हो चुका है, लेकिन अभी काम शुरू नहीं हो पाया है। एसटीपी का निर्माण कस्बे में होना है। इसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया था। एसटीपी बन जाने के बाद नरऊ, मीहलाल नगला, मलिक और कस्बे के रामलीला नगला निवासी ग्रामीणों की समस्याओं का भी समाधान हो जाएगा।
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