उझानी। दिल्ली निवासी युवती से शादी कराके उसकी मां और पुरोहित ने युवक को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। आरोप है कि शादी के बाद दुल्हन ने महज सात दिन ससुराल में गुजारे। पिता की बीमारी के बहाने वह सोने के जेवरात समेट ले गई। पति उसे विदा कराने दिल्ली पहुंचा तो धमकाकर भगा दिया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक- कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्लापुर भोगी निवासी वैभव कुमार पुत्र रामसुरन शर्मा की शादी पश्चिमी दिल्ली में सुलेमान नगर के करन बिहार इलाके की निशा शर्मा के साथ 28 अक्तूबर को हुई थी। शादी उसी इलाके के निवासी पुरोहित बालमुकुंद शर्मा ने कराई थी।
शादी के सातवें दिन पुरोहित और निशा की मां मीरा अल्लापुर भोगी आए और निशा के पिता की हालत गंभीर बताते हुए बुला ले गए। आरोप है कि वैभव ने सोने की चूड़ी, हार और गुलशन पट्टी पहनाकर पुरोहित और मीरा के साथ निशा को भेज दिया। खर्चे के लिए पांच हजार रुपये भी दे दिए।
अगले दिन पांच नवंबर को वैभव, उसके पिता रामसुरन और दो अन्य लोग जब उसे लिवाने दिल्ली पहुंचे तो मायके में निशा नजर नहीं आई। पूछने पर वैभव से सास मीरा ने कह दिया कि वह पुरोहित के घर पर है। वहीं से विदा कराकर ले जाना। आरोप है कि पुरोहित ने निशा की विदा करने के बजाय वैभव समेत उसके परिजनों को धमकाना शुरू कर दिया।
वैभव को उसकी पत्नी से भी नहीं मिलाया गया। पुरोहित ने कहा कि यह तो उनका धंधा है। अगर फिर आने की कोशिश की तो किसी मुकदमे में फंसा देगा। वैभव ने षडयंत्र के तहत जेवरात और दो लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पुलिस ने शिकायत के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो उसे कोर्ट की शरण लेनी पड़ गई।
निशा को भूल जाओ... किसी और से करा देंगे ब्याह
शादी के नाम पर षडयंत्र का शिकार बने वैभव शर्मा ने रिपोर्ट में पुरोहित बाल मुकुंद शर्मा की हरकतों का भी जिक्र किया है। आरोप है कि वैभव ने जब दिल्ली जाकर निशा से मिलवा देने पर जोर दिया तो पुरोहित ने उनसे कहा कि निशा को भूल जाओ। वह किसी दूसरी लड़की से उनकी शादी करा देंगे। निशा तो हमारा मोहरा है।