बदायूं। बिनावर थाना क्षेत्र के गांव नाई के रहने वाले अक्षय ने बरेली के थाना अलीगंज में मोहनलाल इंस्टिट्यूट से डीफार्मा की पढ़ाई की थी। स्कूल के प्रबंधक ने उसको फर्जी मार्कशीट दे दी, जिससे अक्षय परेशान रहने लगा। 31 मार्च को वह अपनी मार्कशीट की शिकायत करने गया तो प्रबंधक ने उसको जहर दे दिया। इलाज के दौरान छात्र की मौत हो गई। पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो पीड़ित ने कोर्ट का सहारा लिया। काेर्ट ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश बिनावर पुलिस को दिए। पुलिस ने प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की है।
बिनावर थाना क्षेत्र के गांव नाई निवासी अजयपाल ने कोर्ट के आदेश पर कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ बेटे को जहर देकर मारने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। बताया कि उसका बेटा अक्षय कुमार (20) ने बरेली जिला के अलीगंज मोहनलाल इंस्टिट्यूट से डीफार्मा की पढ़ाई की थी। उसे कॉलेज से फर्जी मार्कशीट बनाकर दे दी गई। यह बात उसके बेटे को पता चली तो वह बहुत परेशान हो गया।
काॅलेज के प्रबंधक से मामले की शिकायत करने गया। 31 मार्च को रात करीब आठ बजे कॉलेज के प्रबंधक शिवदेव मौर्य ने डीफार्मा छात्र को जहर खिला दिया। किसी तरह छात्र अपने घर पहुंचा तो उसकी हालत बिगड़ गई। इतना सब कुछ होने के बाद भी छात्र कॉलेज के प्रबंधक शिवदेव मौर्य के मोबाइल पर लगातार चैटिंग करता रहा। उससे कहा कि फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करके ही रहूंगा। उसकी हालत बिगड़ती चली गई। हालत बिगड़ने पर परिवार वाले उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना शुरू की गई है। जो भी दोषी होगा उसको जेल भेजा जाएगा।