फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सदस्यों को असशक्त प्रमाण पत्र जारी होने की सूचना पर सपाइयों ने अस्पताल घेरा

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव से पहले सदस्यों के असशक्तत प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर बृहस्पतिवार को राजनीतिक पारा एक बार फिर से चढ़ गया। सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव के साथ कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। यहां करीब दो घंटे सीएमएस ऑफिस को घेरे रहे। बाद में पता लगा कि कोई सदस्य या भाजपा का पदाधिकारी सदस्यों के असशक्त प्रमाण पत्र बनवाने नहीं आया है। हालांकि, सपा का आरोप है कि भाजपा के दबाव में कमेटी बन चुकी है। प्रमाण पत्र जारी करने की तैयारी है।
विज्ञापन

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन जुलाई को मतदान होना है। भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर है। दोनों पार्टियां संख्याबल से ज्यादा सदस्यों का समर्थन हासिल होने का दावा तो कर रही हैं, इसके साथ ही उनको क्रॉस वोटिंग का डर भी सता रहा है। वोट का वादा कर चुके कुछ सदस्यों पर पार्टियों को भरोसा नहीं है। उनको लगता है कि संबंधित सदस्य उनकी मिठाई खाने के बाद अपना वोट कहीं दूसरे को न दे दे। इसी को लेकर बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में माहौल गरम हो गया। शाम करीब छह बजे कई लग्जरी गाड़ियां अस्पताल पहुंचीं। इसके बाद अफवाहों का दौर चालू हो गया।
कुछ ही देर के बाद सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक अशुतोष मौर्य, पार्टी महासचिव यासीन गद्दी समेत काफी संख्या में सपाई जिला अस्पताल पहुंच गए। यहां सीएमएस कार्यालय को घेर लिया। सपाइयों का आरोप था कि भाजपा के इशारे पर अवैध तरीके से सदस्यों के असशक्त प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम से बात की तो उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद भी काफी देर तक सपाई यहां डटे रहे।
विज्ञापन

इस तरह होता है असशक्त प्रमाण पत्र से खेल
- मतदान के दौरान जिस सदस्य के पास असशक्त प्रमाण पत्र होता है तो उसके साथ मतदान के लिए एक व्यक्ति को भेजा जाता है। जिला पंचायत चुनाव में एक-एक सदस्य महत्वपूर्ण होता है। किसी पार्टी को भरोसा देकर अगर सदस्य दूसरी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में वोट दे देता है तो चुनाव परिणाम बदल जाते हैं। ऐसे में सदस्य का असशक्त प्रमाण पत्र बनवाकर उसके वोट पर नजर रखने के लिए एक व्यक्ति को साथ भेजा जाता है। साथ जाने वाला व्यक्ति देखता रहता है कि संबंधित सदस्य ने किसके पक्ष में वोट दिया।
सत्ता के दबाव में जिपं सदस्यों को नियमों के खिलाफ असशक्त प्रमाण जारी करने की साजिश की जा रही है। इसके लिए कमेटी बनाई जा चुकी है। मुझे पता लगा कि भाजपाई प्रशासन की मिलीभगत से जिला अस्पताल में प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। इसके बाद मैं यहां आया हूं। पता लगा है कि अवैध तरीके से पूरी तरह से स्वस्थ सदस्यों को असशक्त प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कमेटी बना दी गई है। ऐसा होता है तो विरोध के साथ सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया जाएगा।- प्रेमपाल सिंह, जिलाध्यक्ष सपा
जिला पंचायत सदस्यों के लिए असशक्त प्रमाण पत्र जारी होने संबंधी कोई आवेदन नहीं आया है। सपा के कई नेता आए थे और उन्होंने इस बारे में पूछा, मैंने प्रमाण पत्र जारी करने या फिर आवेदन आने की बात से इंकार कर दिया है। अगर कोई आवेदन आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें