कछला गांगा घाट पर छठ पूजा करते श्रद्धालु। संवाद
कछला। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रती महिलाओं ने गंगा मैया में आस्था की डुबकी लगाई। उसके बाद में वैदिक विधिविधान से पूजा-अर्चना करने के बाद निर्जल व्रत खोला। महिलाओं ने छठ मैया से अखंड सौभाग्य और संतानों की दीर्घायु होने की कामना की। इसके साथ ही तीन दिन से चल रहा है छठ महोत्सव का समापन हो गया।
जिले में पूर्वांचल समेत बिहार राज्य के कई परिवार रहते हैं। इन परिवारों की ओर से महापर्व को लेकर तैयारियों को कई दिनों पहले से शुरू कर दिया गया था। पटेल नगर निवासी बिहारी लाल केसरी, गुड्डू केसरी ने बताया कि शुक्रवार को छठ व्रतियों ने कछला घाट पर गंगा की जलधारा में खड़े होकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया।
इसके बाद मोक्षदायिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। वहीं केले के पत्ते, शकरकंद, सिंघाड़ा, सेब, अनार, अनानास, मूली, लाल फूल समेत विभिन्न प्रकार के फल और हरी सब्जियों के साथ सूर्य देव की वैदिक रीति रिवाज से पूजा अर्चना की। इसके साथ ही छठ का पर्व समाप्त हो गया है। इस मौके पर अभिषेक पांडे, सुनीता देवी, शंकराचार्य, कृष्ण बिहारी, सुनील केसरी, गुड्डो केसरी, इंदु देवी ने अपने परिवार सहित आशीर्वाद लिया।