बदायूं। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए जिले के विद्यालयों में आईसीटी (इंफारमेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी) लैब स्थापित की जाएंगी। इसके लिए जिले के 35 राजकीय, 41 सहायता प्राप्त और 206 वित्तविहीन विद्यालयों का चयन किया गया है।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सवालों के घेरे में रहती है। कई विद्यालयों में तो स्टाफ के साथ मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। आईसीटी खुलने के बाद शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। जिले के 35 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में लैब के साथ स्मार्ट कक्षाओं का संचालन भी शुरू किया जाएगा।
-
क्या हैं आईसीटी लैब
आईसीटी लैब में छात्र-छात्राओं को ऑडियो व वीडियो के माध्यम से विषयों की जानकारी दी जाती है। आईसीटी लैब में प्रोजेक्टर और सेटेलाइट प्रसारण के जरिये भी शिक्षण कार्य कराया जाता है। इसमें विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों से पढ़ने का मौका मिलता है।
-
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों का आईसीटी लैब बनाने के लिए चयन किया गया है। इसके तहत 35 कॉलेजों में पहले आईसीटी लैब बनाई जाएंगी।
-डॉ. प्रवेश कुमार, डीआईओएस